हाल ही में आए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा की हार ने विपक्ष को नई ताकत दे दी है। कांग्रेस ने 2019 की लड़ाई में अपना परचम लहराने और मोदी सरकार उखाड़ फेंकने के लिए महागठबंधन को स्वरुप देना शुरू कर दिया है।
कांग्रेस के मुताबिक राहुल 2019 में विपक्ष का चेहरा होंगे मगर इस गहमागहमी के बीच भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई एम) के नेता सीताराम येचुरी ने अलग राह अपना ली है। डीएमके नेता स्टालिन ने राहुल गांधी का नाम प्रधानमंत्री के लिए प्रस्तावित किया था।
इस मुद्दे पर बोलते हुए येचुरी ने कहा कि हर कोई अपनी राय देने को स्वतंत्र है। देश का इतिहास गवाह है कि केंद्र में विकल्प के रूप में सरकार बनाने वाला गठबंधन चुनाव के बाद ही बनता है।
बता दें कि रविवार को करूणानिधि की प्रतिमा के अनावरण के मौके पर स्टालिन ने मोदी के सामने मुकाबले में राहुल गांधी का नाम प्रस्तावित किया था। साथ ही स्टालिन ने कहा था कि मोदी राज में देश 15 साल पीछे चला गया है, एक मौक़ा और दिया गया तो देश 50 साल पीछे चला जाएगा। समारोह में मौजूद सभी नेताओं से स्टालिन ने राहुल के नाम का समर्थन करने की अपील की थी।