लोकसभा चुनावों की अधिसूचना जारी होने से पहले और उसके बाद कांग्रेस पार्टी भ्रष्टाचार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भाजपा को घेरने का प्रयास करती रही है। हर सप्ताह दो-तीन बड़े मामलों को लेकर कांग्रेस पार्टी के नेता पीएम मोदी और भाजपा पर हमलावर हो जाते हैं। सवाल वाजिब है कि 'क्या भाजपा को भेद पा रहे हैं कांग्रेस पार्टी के ये तीर'। इसका जवाब दोनों पार्टियों के नेता अपने-अपने अंदाज में देते हैं। कांग्रेस पार्टी यह सोचकर खुश है कि जनता को मोदी सरकार की असलियत पता चल रही है। लोकसभा चुनाव में जनता, भाजपा और मोदी को सबक सिखा देगी। दूसरी ओर, भाजपाई कहते हैं कि कांग्रेस के ये तीर किसी काम के नहीं हैं। जनता समझदार है, चुनाव में कांग्रेस को अपने तीरों का नुकीलापन मालूम हो जाएगा।
बता दें कि पिछले साल, खासतौर से नवंबर महीने के बाद कांग्रेस पार्टी भ्रष्टाचार के मसले पर सप्ताह में दो-चार प्रेसवार्ता कर भाजपा पर हमला बोलती रही है। अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) मुख्यालय में अभी तक सबसे ज्यादा प्रेसवार्ता राफेल को लेकर हुई हैं।
कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर यूपीए के कई पूर्व मंत्रियों और सांसदों ने कथित तौर पर भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर किया है। कांग्रेस पार्टी के नेता कपिल सिब्बल ने तो यह भी कह दिया कि हमें मोदी सरकार में बैठे नौकरशाह ही भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों के दस्तावेज उपलब्ध करा रहे हैं।
29 मार्च को कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने मोदी पर मनेरगा स्कीम को कमजोर करने का आरोप लगाया। कहा गया कि इसके वेतन में 2.41 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है, जो कि 14 साल में सबसे कम है। 28 मार्च को कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार पर गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर हमला बोला। रणदीप सुरजेवाला ने कहा, मोदी ने 2017 में किसानों से वादा किया था कि अब गन्ने का भुगतान 14 दिन के भीतर हो जाएगा। आज भी किसानों का 20 हजार करोड़ रुपये का बकाया है।
27 मार्च को कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार की स्मार्ट सिटी योजना की पोल खोली। पार्टी ने कहा, मोदी सरकार ने दो लाख करोड़ रुपये के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को अभी तक केवल सात फीसदी राशि दी है। ऐसे में तो इस योजना को पूरा होने में 52 साल लगेंगे।
जेट एयरवेज, 80 लाख करोड़ रुपये का काला धन, किसानों की आत्महत्या, रोजगार और अपराध का डाटा प्रकाशित न करना, येदियुरप्पा डायरी, विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के मामले, चीन-पाकिस्तान पर कूटनीतिक असफलता, आतंकी मसूद अजहर, बालाकोट एयर स्ट्राइक, हर साल दो करोड़ रोजगार देने की बात, नोटबंदी व जीएसटी, आरबीआई में सरकार का हस्तक्षेप और दूसरे ऐसे कई मामले, जो भ्रष्टाचार से जुड़े रहे हैं, कांग्रेस पार्टी समय-समय पर उठाती रही है।