कांग्रेस के घोषणापत्र पर मचा बवाल
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कांग्रेस का घोषणापत्र जारी होते ही बवाल मच गया है। दरअसल कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में जम्मू कश्मीर और कुछ अन्य मुद्दों का जिक्र किया है जिसे लेकर भाजपा ने सवाल खड़े किए हैं। अरुण जेटली ने इसे राहुल के खतरनाक वादों का पुलिंदा बता दिया।
कांग्रेस के घोषणा पत्र की इन बातों से मचा है बवाल
- कश्मीर घाटी में सेना और सीएपीएफ की मौजूदगी को कम करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस को और अधिक जिम्मेदारी सौंपने का वादा करती है।
- जम्मू-कश्मीर में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (एएफएसपीए) और अशांत क्षेत्र अधिनियम की समीक्षा की जायेगी। सुरक्षा की जरूरतों और मानवाधिकारों के संरक्षण में संतुलन के लिये कानूनी प्रावधानों में उपयुक्त बदलाव किये जायेंगे।
- भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए (जो देशद्रोह के अपराध को परिभाषित करती है) जिसका दुरूपयोग हुआ है और बाद में नये कानून बन जाने से उसकी महत्ता भी समाप्त हो गई है उसे खत्म किया जायेगा।
- जम्मू कश्मीर में लागू धारा 370 की इस संवैधानिक स्थिति को बदलने की न तो अनुमति दी जायेगी, न ही ऐसा कुछ भी प्रयास किया जायेगा।
- सशस्त्र बल (अफस्पा) अधिनियम, 1958 में से यौन हिंसा, गायब कर देना तथा यातना के मामलों में प्रतिरक्षा जैसे मुद्दों को हटाया जायेगा ताकि सुरक्षा बलों और नागरिकों के बीच संतुलन बना रहे।
- कोई भी जांच एजेंसी जिसके पास-तलाशी लेने, जब्त करने, संलग्न करने, पूछताछ करने और गिरफ्तार करने की शक्तियां है, वह सभी भारतीय दण्ड संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय संविधान के अधीन होंगे। इसके लिए कांग्रेस कानूनों में आवश्यक संशोधन करेगी।