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लोकसभा चुनाव 2019: त्रिकोणीय मुकाबले में किला बचाने की चुनौती

Sat, 13 Apr 2019 06:26 AM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
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तेजस्वी, कन्हैया कुमार (फाइल)
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कांग्रेस का गढ़ कही जाने वाली किशनगंज सीट पर इस चुनाव में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से लेकर ऑल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस बार मुकाबला त्रिकोणीय है और कांग्रेस के सामने अपना किला बचाने की चुनौती है।

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एआईएमआईएम ने पहली बार यहां प्रत्याशी उतारा है। उसने पूर्व विधायक अख्तरुल इमान को अपना प्रत्याशी बनाया है। 2014 के चुनाव में जदयू ने उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया था, लेकिन मतदान से 10 दिन पहले अख्तरुल ने चुनाव से हटने की घोषणा कर दी, ताकि मुस्लिम वोट न बंटे और भाजपा को हराया जा सके। फिर भी उन्हें 3.88 प्रतिशत वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे। 

2009 में जदयू के ही प्रत्याशी को 13.41 प्रतिशत वोट मिले थे, यानी करीब 10 प्रतिशत वोट घटे। इसका फायदा कांग्रेस को हुआ। विजेता बने कांग्रेस के असरारुल हक को 34.29 प्रतिशत वोट मिले थे। वह 2009 में भी विजेता थे, लेकिन तब उन्हें केवल 20.18 प्रतिशत वोट मिले थे। यानी जदयू के वोट सीधे उन्हें ट्रांसफर हुए।
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कांग्रेस नई चुनौतियों से घिरी 

भाजपा, जदयू और अब एमआईएम से लड़ते हुए कांग्रेस अपना किला बचाती रही, लेकिन अब नई चुनौतियां झेल रही है। यहां उसके पिछले सांसद असरारुल हक का इंतकाल हो चुका है। उसने किशनगंज सदर विधायक डॉ. मो. जावेद को टिकट दिया है। कांग्रेस को एनडीए के जदयू उम्मीदवार महमूद अशरफ और एमआईएम के अख्तरुल से जूझना है। 16.5 लाख मतदाताओं को लुभाने के लिए कुल 14 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें से आठ मुस्लिम हैं। 

एआईएमआईएम का उत्तर भारत में पहली जीत का ख्वाब

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम इस सीट के सहारे उत्तर भारत में पहली जीत का ख्वाब देख रही है। इसे देखते हुए ओवैसी खुद यहां चुनावी रैली कर रहे हैं। उसके प्रत्याशी अख्तरुल 2015 में एआईएमआईएम में शमिल हो गए थे। पार्टी ने उन्हें 2015 विधानसभा चुनाव में कोचाधामन विधानसभा सीट पर प्रत्याशी बनाया, लेकिन वह हार गए। फिर भी एआईएमआईएम ने उन्हें प्रत्याशी बनाया है क्योंकि आबादी में मुसलमानों की 56 प्रतिशत मौजूदगी है। 

इमरान ने तो गड़बड़ कर दी

इमरान खान ‘नेता’ नहीं बन सकता, इसने सब ‘गड़बड़’ कर दिया। बात हुई थी कांग्रेस का समर्थन करने की, और कर दिया भाजपा का। अब विपक्ष को पाकिस्तानी सिद्ध कैसे करेंगे।
- आचार्य प्रमोद कृष्णन, कांग्रेस
 

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भाजपा फिर लाइन बनवाएगी

शरणार्थी को मानवीय दृष्टिकोण से देखना चाहिए। धार्मिक आधार बनाकर भेद करना खतरनाक है। भाजपा ने देश को फिर से लाइन में खड़ा करने की योजना बना ली है। नतीजे क्या होंगे, राम जाने।
- जयंत चौधरी, रालोद

गरीबी नहीं हटा पाई कांग्रेस

कांग्रेस अपने कार्यकाल में सिर्फ गरीबी हटाओं का नारा देती रही किन्तु गरीबी हटी नहीं। मोदीजी के कार्यकाल में गरीबी तेजी से घटी है। 355 योजनाओं के 4.5 लाख करोड़ सीधे गरीब के खाते में जा  रहे हैं। - प्रकाश जावड़ेकर, भाजपा

प्रशांत ने दिया था जदयू-राजद के विलय का प्रस्तावः राबड़ी

बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने शुक्रवार को दावा किया कि जनता दल-यू के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने लालू से मिलकर राजद व जदयू के विलय का प्रस्ताव दिया था। साथ ही नई पार्टी की ओर से पीएम पद के लिए खुद का प्रत्याशी घोषित करने की बात कही थी। राबड़ी ने कहा, ‘यदि प्रशांत किशोर लालू से इस प्रस्ताव के साथ मिलने की बात से इनकार कर रहे हैं, तो वह साफ झूठ बोल रहे हैं। इस बीच, राबड़ी ने बागी बने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव से अपील की है कि वे ‘घर’ लौट आएं। 

रोहतक से शर्मा, हिसार से बिजेंद्र हो सकते हैं भाजपा प्रत्याशी

भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने मंजूरी दी तो हरियाणा में रोहतक से अरविंद शर्मा और हिसार से केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के पुत्र बिजेंद्र सिंह उम्मीदवार होंगे। दस दिन की माथापच्ची के बाद प्रदेश भाजपा ने हरियाणा की बाकी बची दो सीटों के लिए इनके नाम भेजे हैं। हालांकि शर्मा को रोहतक से उतारने का भाजपा में स्थानीय स्तर पर विरोध है। सूत्रों के मुताबिक राज्य इकाई ने रोहतक में गैर-जाट वोटों में पैठ बनाने के लिए शर्मा को उतारने का फैसला किया। वहीं, हिसार में जाट बिरादरी को सकारात्मक संदेश देने के लिए बिजेंद्र के नाम पर सहमति बनी। पार्टी राज्य की 10 में से 8 सीटों पर नाम घोषित कर चुकी है। 

देशद्रोह पर और सख्त कानून बनाएगी भाजपा : गृहमंत्री

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने गुजरात के गांधीधाम में कहा कि भाजपा देशद्रोह के खिलाफ ज्यादा सख्त कानून बनाएगी। राजनाथ ने कहा, हम ऐसा कानून बनाएंगे, जिसके प्रावधान याद आते ही लोगों की रुह कांप जाए। उमर अब्दुल्ला के दो प्रधानमंत्री वाले बयान पर राजनाथ ने कहा, ऐसे बयान आएंगे तो हमारे पास अनुच्छेद 370 और 35ए को संविधान से हटाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। 

कन्हैया भी कमजोर स्थिति में नहीं हैं : तेजस्वी

राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि आज नीतीश कुमार कोई फैक्टर नहीं हैं। वे जहां हैं, वहां की नाव भी डुबो देंगे। हम लोगों को इस बार भाजपा को जवाब देना है। वहीं बेगूसराय से सीपीआई उम्मीदवार कन्हैया कुमार से तुलना पर तेजस्वी ने कहा, मुझे नहीं पता कि मेरी उनसे तुलना क्यों हो रही है। कन्हैया के नामांकन और जनसभा में जो भीड़ जुट रही है, उससे तो यही लगता है कि कन्हैया भी कमजोर स्थिति में नहीं हैं।
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