चुनाव के मौसम में नेता लोगों को इकट्ठा करने का कोई बहाना हाथ से जाने नहीं देते हैं। लेकिन चुनावी वर्ष होने के बाद भी भाजपा की होली बेहद रंगहीन नजर जा रही है। हाल ही में गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर के निधन के कारण पार्टी इस समय आहत है। इसके कुछ ही दिन पूर्व पुलवामा में हुई आतंकी वारदात में भी सीआरपीएफ के 40 जवानों को शहीद होना पड़ा है।
इसके अलावा बीते वर्ष में और इस होली से कुछ महीने पहले भाजपा ने अपने सबसे लोकप्रिय नेता अटल बिहारी वाजपेयी को भी खोया है। यही कारण है कि भाजपा इस वर्ष होली का त्योहार नहीं मना रही है।
भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने अपने आवास पर बेहद कम लोगों के लिए एक छोटा सा कार्यक्रम गुरुवार को रखा है। लेकिन इसे भी होली मिलन जैसा रंग नहीं दिया जा रहा है। हालांकि, अमित शाह के अलावा केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी अपने आवास पर एक संक्षिप्त कार्यक्रम का आयोजन किया है।
दिल्ली प्रदेश भाजपा ने बुधवार को एक पत्रकार मिलन समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया, लेकिन प्रदेश नेता इसे किसी भी तरह होली से जोड़कर देखने को तैयार नहीं थे। खुद प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने इस मौके पर कहा कि पुलवामा में हुई वारदात की वजह से वे इस बार होली नहीं मना रहे हैं।