नोएडा की लगभग पचास फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्र की है। दादरी, खुर्जा और जेवर पूरी तरह ग्रामीणों की बहुलता वाला क्षेत्र है। बताया जाता है कि गूजर और जाट बहुलता वाला यह क्षेत्र सतबीर नागर का प्रमुख गढ़ है। वे स्वयं अढ़ता गुजरां के हैं और इसलिए स्थानीय नेता होने के नाते इन वोटों के प्रबल दावेदार हैं।
वर्ष 2009 में नोएडा से जीत दर्ज कर लोकसभा पहुंच चुके सतबीर नागर के करीबी सुरेंद्र सिंह नागर के अपने पुराने किए हुए काम और स्थानीय संबंध सतबीर नागर की बड़ी मजबूती बताई जाती है। ऐसे में माना जा रहा है कि वे भाजपा नेता महेश शर्मा को वे कड़ी टक्कर दे सकते हैं।
अरविंद कुमार सिंह को ठाकुर वोटों का भरोसा
कांग्रेस के उम्मीदवार डॉं अरविंद कुमार सिंह यहां से अकेले ठाकुर उम्मीदवार हैं और क्षेत्र की कुछ ठाकुर आबादी उनके पक्ष में वोट कर सकती है। इसके अलावा क्षेत्र की मुस्लिम आबादी के वोट पर भी उनका अच्छा अधिकार बताया जा रहा है।
हालांकि, अरविंद कुमार सिंह पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा 72000 रुपयों न्यूनतम आय की घोषणा का जमकर प्रचार कर रहे हैं और वे पश्चिम के गरीब मतदाताओं में काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। लेकिन भाजपा और सपा-गठबंधन के मजबूत समीकरणों के बीच अपनी उपस्थिति कितनी मजबूत कर पाते हैं, यह देखने वाली बात होगी।