पुलवामा हमले के बाद जम्मू कश्मीर से धारा 370 और 35 ए पर शुरू हुई बहस और इसे हटाए जाने की मांग के सवाल पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि वह इस मुद्दे पर सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं बोल सकते और ना ही इस मुद्दे पर सरकार के रुख के बारे में उन्हें कोई जानकारी है।
राम मंदिर के सवाल पर अमित शाह ने कहा राम मंदिर का मुद्दा हम नहीं टाल रहे बल्कि कांग्रेस टाल रही है। राहुल गांधी और उनके गठबंधन के साथी बता दें कि वे राम मंदिर के फैसले के पक्ष में है या नहीं? हमने तो साफ कर दिया है कि राम मंदिर बने और भव्य बने।
सुप्रीम कोर्ट में जब कोई मामला लंबित है तो उस पर कोई अध्यादेश नहीं लाया जा सकता है। 370 हो, राम मंदिर हो, कॉमन सिविल कोड हो, ये सब हमारे प्राण से प्रिय मुद्दे हैं, ये सब होगा, सरकार को थोड़ा समय दीजिए।
राफेल मुद्दे पर बार-बार राहुल गांधी के आरोपों के सवाल पर अमित शाह ने कहा कि देश की जनता को स्पष्ट करना चाहता हूं कि राफेल सौदे में फूटी कौड़ी का घोटाला नहीं हुआ है।
उन्होंने राहुल का नाम लिए बगैर कहा कि उनसे पूछना चाहिए कि अनिल अंबानी को कितना ऑर्डर मिला, इसका कोई दस्तावेज है तो दिखाएं। आपके पास सारी सूचनाएं थी तो जब सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहा था, तब कोर्ट के सामने ये तथ्य आपने क्यों नहीं रखे?
लोकसभा चुनाव के मुद्दों पर उन्होंने कहा कि देश की जनता को तय करना होगा कि चुनाव के मुद्दे क्या होंगे। उन्होंने कांग्रेस का सीधा नाम लिए बगैर कहा कि क्या किसी पार्टी को सत्ता की महत्वाकांक्षा है, यह चुनाव का मुद्दा होना चाहिए?
उन्होंने सवाल उठाया कि नेता, नीति और सिद्धांत के बगैर केवल स्वार्थ के लिए सत्ता की महत्वाकांक्षा चुनाव का मुद्दा होना चाहिए? मेरा मानना है ये चुनाव के मुद्दे नहीं हो सकते। चुनाव का मुद्दा देश का विकास होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिन्हे 70 साल में कुछ नहीं मिला, देश के उन गरीबों के जीवन कर्म में सुधार का मुद्दा, देश के किसान की भलाई, देश की सुरक्षा और आतंकवाद को जवाब देना चुनाव का मुद्दा होना चाहिए। बीते 5 साल में भाजपा ने इन मुद्दों को देश में सेट किया है।