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Lok Sabha Election: नामांकन शुरू, लेकिन अभी तक नहीं खोले हैं इन पार्टियों ने पत्ते, 8 में से 4 पर काबिज है BJP

सार

19 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान में उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से की आठ लोकसभा सीटे आती हैं। इसमें सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, नगीना, कैराना, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर और पीलीभीत शामिल हैं। इन आठ लोकसभा सीटों में से चार पर भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं...
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Lok Sabha Election - फोटो : Amar Ujala/ Himanshu Bhatt
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लोकसभा के पहले चरण में होने वाले चुनावों के नामांकन बुधवार से शुरू हो गए हैं। उत्तर प्रदेश के पहले चरण में होने वाले आठ लोकसभा सीटों पर होने वाले चुनाव में अभी कई प्रमुख दलों ने सीटों लेकर पत्ते नहीं खोले हैं। दरअसल पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जिन आठ सीटों पर पहले चरण में चुनाव होना है, उनमें चार पर तो भारतीय जनता पार्टी काबिज है। जबकि तीन पर बसपा और एक पर समाजवादी पार्टी का झंडा लहरा रहा है। सियासी जानकारों का मानना है कि इस बार सपा-बसपा के अलग-अलग चुनाव लड़ने से सभी सियासी दल बहुत ही सधे तरीके से अपना अगला दांव चल रहे हैं।

19 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान में उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से की आठ लोकसभा सीटे आती हैं। इसमें सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, नगीना, कैराना, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर और पीलीभीत शामिल हैं। इन आठ लोकसभा सीटों में से चार पर भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं। इसमें कैराना, मुजफ्फरनगर, रामपुर और पीलीभीत शामिल है। भाजपा ने इन चार सीटों में से अब तक रामपुर और मुजफ्फरनगर पर ही अपने वर्तमान प्रत्याशी दोहराए हैं। जबकि कैराना सीट इस बार लोकदल के हिस्से में आ गई है। वहीं सबसे चर्चित सीट पीलीभीत पर अब तक भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रत्याशी नहीं घोषित किया गया है। पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी के वरुण गांधी सांसद हैं।

वरुण की सीट को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। क्योंकि बुधवार से पीलीभीत की सीट पर भी नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लेकिन भाजपा की ओर से प्रत्याशी की घोषणा न होने से अभी इस सीट पर संशय बना हुआ है। भारतीय जनता पार्टी की तरह बसपा और INDI गठबंधन समेत NDA की ओर से भी कुछ सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की गई है। जबकि कुछ सीटों पर तो प्रत्याशी उतार भी दिए गए हैं। इसमें सहारनपुर सीट पर बसपा ने अपना प्रत्याशी बदल दिया है। यह सीट पिछले चुनाव में बसपा के हिस्से आई थी। इसी तरह पश्चिम उत्तर प्रदेश की नगीना सीट पर बसपा चुनाव जीती थी। लेकिन बुधवार से शुरू होने वाली नामांकन प्रक्रिया के बाद भी बसपा ने भी अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। जबकि समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने अपना प्रत्याशी मैदान में उतार दिया है।

इसी तरह पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कैराना सीट पर भाजपा और सपा का प्रत्याशी तो मैदान में है। लेकिन बसपा का प्रत्याशी अभी इस सीट पर नहीं है। हालांकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चर्चित मुजफ्फरनगर सीट पर सभी दलों ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इसी तरह इस क्षेत्र के बिजनौर सीट पर बहुजन समाज पार्टी का सांसद है। मायावती ने वर्तमान सांसद मलूक नागर का टिकट यहां से काट दिया है। जबकि समाजवादी पार्टी ने भी अपना प्रत्याशी मैदान में उतार दिया है। इस बार इस सीट पर भाजपा और आरएलडी का गठबंधन है। इसलिए बिजनौर सीट आरएलडी के हिस्से आई है और प्रत्याशी घोषित हो चुका है। इसी तरह पश्चिम उत्तर प्रदेश के रामपुर की सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा जीती थी। इसलिए भाजपा ने अपने जीते हुए प्रत्याशी को दोहराया है। जबकि सपा और बसपा ने अभी तक अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है।

पश्चिम उत्तर प्रदेश की एक और चर्चित सीट मुरादाबाद में भी भारतीय जनता पार्टी समेत INDI गठबंधन की ओर से कोई प्रत्याशी अभी तक घोषित नहीं किया गया है। इस सीट पर समाजवादी पार्टी जीती थी। हालांकि बहुजन समाज पार्टी ने मुरादाबाद सीट पर अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इसी तरह पश्चिम उत्तर प्रदेश की बहुचर्चित सीट पीलीभीत पर भी किसी राजनीतिक दल ने अपना कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान सांसद वरुण गांधी को लेकर लगातार असमंजस बना हुआ है। सियासी गलियारों में चर्चाएं इसी बात की हैं, अगर भाजपा वरुण गांधी को प्रत्याशी नहीं बनाती है तो INDI गठबंधन से वरुण गांधी को टिकट दिया जा सकता है। यही वजह है कि सपा और कांग्रेस के गठबंधन ने भी अभी तक अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है।

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