17वीं लोकसभा चुनाव के परिणाम में भाजपा अप्रत्याशित बढ़त के साथ एक बार फिर बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। मोदी की लहर में मतदाताओं ने न विपक्ष की बातें सुनीं और न ही अपने प्रत्याशी देखे। जो वोट पड़े नरेंद्र मोदी के नाम पर पड़े। इन्हीं के बीच नौकरशाहों ने भी सफलता प्राप्त की। आइए जानते हैं कौन कहां से जीता या हारा।
मुंबई के पुलिस कमिश्नर रहे सत्यपाल सिंह ने तीन हजार मतों से जीत हासिल की। वह भाजपा के टिकट पर बागपत से चुनावी मैदान में थे।
आईपीएस अधिकारी भारती घोष 1.08 लाख मतों से हारीं। वह प. बंगाल की घाटल लोकसभा सीट से लड़ रही थीं। उन्होंने प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से विवाद के बाद इस्तीफा दे दिया था।
पूर्व आईएएस अधिकारी अपराजिता सारंगी भुवनेश्वर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ी थीं। उन्होंने 21 हजार मतों से जीत हासिल की।
भुवनेश्वर लोकसभा सीट से बीजद के टिकट पर चुनाव लड़े मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर अरुप पटनायक को 21 हजार मतों से हार का सामना करना पड़ा।
पूर्व आईएएस, प्रमुख सचिव और मंत्री सिद्धू के सलाहकार रहे डॉ. अमर सिंह पंजाब की फतेहगढ़ साहिब सीट से कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़ रहे थे। इन्हें 94 हजार मतों से जीत मिली।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के प्रधान सचिव रहे पूर्व आईएएस दरबारा सिंह फतेहगढ़ सीट से शिअद के टिकट से लड़े थे। इन्हें 94 हजार वोट से हार का सामना करना पड़ा।
पूर्व गृह सचिव और केंद्र में मंत्री रहे आरके सिंह भाजपा के टिकट पर आरा से चुनाव लड़ रहे थे। इन्हें 1.47 लाख वोटों से जीत मिली।
राजस्थान की बीकानेर सीट से आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के बीच भिड़ंत थी। भाजपा के टिकट से पूर्व आईएएस, मौजूदा सांसद और केंद्र सरकार में मंत्री अर्जुनराम मेघवाल 2.64 लाख वोटों से जीते। उनके सामने कांग्रेस के टिकट से पूर्व आईपीएस अधिकारी मदनगोपाल मेघवाल थे। मदनगोपाल और अर्जुनराम मौसेरे भाई हैं। मगनगोपाल इस्तीफा देकर राजनीति में उतरे थे।
कांग्रेस के टिकट पर आगरा से चुनाव लड़ रहीं प्रीता हरित को 4.31 लाख मतों से हार का मुह देखना पड़ा। प्रीता आयकर विभाग में प्रिंसिपल कमिश्नर रही हैं।
पूर्व पीसीएस अधिकारी श्याम सिंह यादव बसपा के टिकट से यूपी की जौनपुर लोकसभा सीट पर मैदान में थे। श्याम सिंह को 81 हजार वोटों से जीत मिली।
बसपा के टिकट से यूपी के मछली शहर से चुनाव लड़ रहे त्रिभुवनराम 181 वोट से हारे। त्रिभुवनराम लोनिवि में मुख्य अभियंता रहे।
मध्यप्रदेश की देवास सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े महेंद्र सिंह सोलंकी को 3.72 लाख वोटों से जीत मिली। इन्हें संघ से जुड़ाव के चलते टिकट मिला।