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कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल ने की इस्तीफे की पेशकश, पार्टी ने ठुकराया

Sat, 25 May 2019 05:27 PM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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CWC Meeting - फोटो : रवि बत्रा, अमर उजाला
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए शनिवार को पार्टी की कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में इस्तीफे की पेशकश की, लेकिन सदस्यों ने इसे ठुकरा दिया और प्रतिकूल परिस्थिति में उनसे पार्टी का नेतृत्व करते रहने का आग्रह किया। साथ ही सीडब्ल्यूसी की बैठक में गांधी को पार्टी संगठन में आमूलचूल परिवर्तन के लिए अधिकृत किया गया। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में लोकसभा चुनाव में करारी हार के कारणों पर मंथन किया गया और एक प्रस्ताव पारित किया गया।

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बाद में पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने संवादाताओं से कहा, 'राहुल गांधी जी ने इस्तीफे की पेशकश की। सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से उनकी पेशकश को खारिज किया और आग्रह किया कि आपके नेतृत्व की जरूरत है और आगे भी रहेगी। अगर कोई नेता राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष की भूमिका निभा सकता है तो वह राहुल गांधी हैं।' पार्टी के वरिष्ठ नेता ए के एंटनी ने कहा, पार्टी का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। पार्टी इस पर विचार करेगी। हम तत्काल किसी निष्कर्ष नहीं पहुंच सकते कि क्यों हारे? इस पर विस्तृत चर्चा होगी।

सीडब्ल्यूसी की बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया है, 'कांग्रेस कार्यसमिति 12.13 करोड़ साहसी व सजग मतदाताओं को धन्यवाद देती है, जिन्होंने कांग्रेस पार्टी में अपना विश्वास व्यक्त किया। कांग्रेस पार्टी एक जिम्मेदार व सकारात्मक विपक्ष के रूप में अपना कर्तव्य निभाएगी और देशवासियों की समस्याओं को सामने रख, उनके प्रति सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करेगी।' सीडब्ल्यूसी ने कहा, ' कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यसमिति के सम्मुख अध्यक्ष पद से अपने इस्तीफे की पेशकश की, मगर कार्यसमिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति व एक स्वर से इसे खारिज करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष का आह्वान किया कि प्रतिकूल व चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पार्टी को राहुल गांधी के नेतृत्व व मार्गदर्शन की आवश्यकता है।'
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सीडब्ल्यूसी की बैठक में राहुल गांधी के अलावा संप्रग प्रमुख सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कार्यसमिति के अन्य सदस्य शामिल हुए। गौरतलब है कि इस लोकसभा चुनाव में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। वह 52 सीटों पर सिमट गई है। 2014 के चुनाव में 44 सीटें जीतने वाली पार्टी को इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन उसकी उम्मीदों पर पानी फिर गया।


हार के बाद से कांग्रेस मे उथल-पुथल

मालूम हो कि लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस में जबर्दस्त उथलपुथल है। हार की समीक्षा के लिए शनिवार को कार्यसमिति की बैठक बुलाई गई। इसमें पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी इस्तीफे की पेशकश कर सकते हैं। इस बीच, यूपी में अब तक के सबसे बुरे प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेते प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने इस्तीफे की पेशकश की है। 

ऐसी खबरें भी आ रही थीं कि राज बब्बर का हटना तय माना जा रहा है। वहीं, ओडिशा अध्यक्ष निरंजन पटनायक और कर्नाटक चुनाव प्रभारी एसके पाटिल ने भी इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक राहुल ने अध्यक्ष पद छोड़ने के लिए कुछ वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की लेकिन सभी ने उन्हें ऐसा न करने की सलाह दी है।

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कांग्रेस कार्यसमिति का प्रस्ताव - 25 मई, 2019

कांग्रेस कार्यसमिति 2019 लोकसभा चुनाव के जनादेश को विनम्रता से स्वीकार करती है। कांग्रेस कार्यसमिति 12.13 करोड़ साहसी व सजग मतदाताओं को धन्यवाद देती है, जिन्होंने कांग्रेस पार्टी में अपना विश्वास व्यक्त किया। कांग्रेस पार्टी एक जिम्मेदार व सकारात्मक विपक्ष के रूप में अपना कर्तव्य निभाएगी और देशवासियों की समस्याओं को सामने रख उनके प्रति सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करेगी। कांग्रेस कार्यसमिति कांग्रेस अध्यक्ष, पार्टी के पदाधिकारियों व नेताओं, पार्टी कार्यकर्ताओं तथा कांग्रेस प्रत्याशियों के प्रति आभार व्यक्त करती है, जिन्होंने चुनावी अभियान की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कड़ा संघर्ष करते हुए दिन-रात जमीनी मेहनत की। कांग्रेस कार्यसमिति हमारे सभी सहयोग दलों व उनके नेतृत्व को धन्यवाद देती है, जिन्होंने इस सैद्धांतिक लड़ाई में कांग्रेस पार्टी का साथ दिया।

कांग्रेस अध्यक्ष, श्री राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यसमिति के सम्मुख अध्यक्ष पद से अपने इस्तीफे की पेशकश की, मगर कार्यसमिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति व एक स्वर से इसे खारिज करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष को आह्वान किया कि प्रतिकूल व चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पार्टी को श्री राहुल गांधी के नेतृत्व व मार्गदर्शन की आवश्यकता है। कांग्रेस कार्यसमिति ने कांग्रेस अध्यक्ष, श्री राहुल गांधी को देश के युवाओं, किसानों, महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति/पिछड़ों, गरीबों, अल्पसंख्यकों, शोषितों व वंचितों की समस्याओं के लिए आगे बढ़कर जूझने का आग्रह किया। कांग्रेस कार्यसमिति उन चुनौतियों, विफलताओं और कमियों को स्वीकार करती है, जिनकी वजह से ऐसा जनादेश आया। कांग्रेस कार्यसमिति पार्टी के हर स्तर पर संपूर्ण आत्मचिंतन के साथ साथ कांग्रेस अध्यक्ष को अधिकृत करती है कि वो पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन एवं विस्तृत पुर्नसंरचना करें। इसके लिए योजना जल्द से जल्द लागू की जाए।

कांग्रेस पार्टी ने चुनाव हारा है, लेकिन हमारा अदम्य साहस, हमारी संघर्ष की भावना और हमारे सिद्धांतों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता पहले से ज्यादा मजबूत है। कांग्रेस पार्टी नफरत और विभाजन की ताकतों से लोहा लेने के लिए सदैव कटिबद्ध है। कांग्रेस कार्यसमिति ने देश के समक्ष मौजूदा समय में अनेकों चुनौतियों का संज्ञान लिया, जिनका हल नई सरकार को ढूंढना है। ईरान पर प्रतिबंध लगने के बाद तेल की बढ़ती कीमतें व बढ़ती महंगाई एक बड़ी समस्या है। बैंकिंग प्रणाली गंभीर स्थिति में है और एनपीए पिछले पांच सालों में अनियंत्रित तरीके से बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गए हैं, जिससे बैंकों की स्थिरता खतरे में है। एनबीएफसी, जिनमें लोगों की मेहनत की कमाई जमा है, उनकी आर्थिक स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े हैं। निजी निवेश की कमी और कंज़्यूमर गुड्स की बिक्री में तीव्र गिरावट के साथ अर्थव्यवस्था में मंदी का संकट मंडरा रहा है। नौकरियों के संकट का कोई समाधान नहीं निकल रहा, जिससे युवाओं का भविष्य खतरे में है।

आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे कई राज्यों में सूखे की स्थिति के कारण देश में कृषि संकट और बढ़ता जा रहा है। हमारी संस्थाएं भारत के संवैधानिक लोकतंत्र की पहचान हैं, पर आज उनकी निष्पक्षता व अखंडता पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। देश में सामाजिक सदभाव व भाईचारे पर लगातार आक्रमण हो रहा है। कांग्रेस कार्यसमिति ने संज्ञान लिया कि इन मुद्दों पर अगली सरकार द्वारा तत्काल ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। भाजपा सरकार की जिम्मेदारी और जवाबदेही है कि देश के समक्ष इन समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। कांग्रेस पार्टी इन समस्याओं का समाधान करने में सकारात्मक भूमिका अदा करेगी। कांग्रेस कार्यसमिति को उम्मीद है कि केंद्र की भाजपा सरकार इन समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता से सुलझाएगी।
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