18वीं लोकसभा चुनाव में इस बार राजनीतिक दल एक लाख करोड़ रुपये से भी अधिक का खर्च कर सकते हैं। इससे चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में अर्थव्यवस्था को 0.2 से 0.3% का लाभ मिलेगा। विभिन्न पार्टियों के उम्मीदवार इस तिमाही से खर्च में तेजी लाएंगे। प्रचार के लिए यात्राएं बढ़ाएंगे और अन्य चीजों के अलावा प्रचार सामग्री का उपयोग करेंगे, जिससे खपत बढ़ेगी।
सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज के मुताबिक, सर्वािधक खर्च सोशल मीडिया, परिवहन व विज्ञापन पर होते हैं। परिवहन में खासकर बसों, हेलिकॉप्टर और अन्य गाड़ियों पर खर्च होता है। विश्लेषकों के मुताबिक, कुल खर्च का करीब 54% खर्च प्रचार और विज्ञापन पर, 30% परिवहन और बाकी 20% खर्च अन्य तरीकों पर होगा। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, 2019 में अनुमान लगाया गया था कि चुनाव में 60,000 करोड़ खर्च होंगे। इसे महंगाई के साथ समायोजित कर देखा जाए, तो इस साल सभी पार्टियां और उम्मीदवार एक लाख करोड़ का आंकड़ा छू सकते हैं। इसमें से बहुत कुछ नकदी में होगा, जिसका कोई हिसाब नहीं होगा।
गांवों में रहने वालों को खर्च का सबसे ज्यादा लाभ
एचडीएफसी बैंक की मुख्य अर्थशास्त्री साक्षी गुप्ता ने कहा, उम्मीद है कि ऐतिहासिक रुझानों के आधार पर चुनाव पूर्व खर्च से खपत में वृद्धि होगी, लेकिन यह वृद्धि गांवों में रहने वाले उपभोक्ताओं और कम आय वाले लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद होगी। डीबीएस ग्रुप रिसर्च की वरिष्ठ अर्थशास्त्री राधिका राव ने कहा कि खपत में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे निम्न व मध्यम आय वर्ग को लाभ होगा। चुनावों के कारण अंतिम तिमाही में विकास दर में 0.5% तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
86 फीसदी उम्मीदवारों की जमानत हो गई थी जब्त
सियासत के मैदान में लोग उतरते तो बहुत उम्मीदों से हैं, लेकिन सबकी आकांक्षाएं पूरी नहीं होतीं। पिछले चुनाव को ही देखिए...86 फीसदी उम्मीदवार जमानत तक नहीं बचा पाए।
- 383 सीटों से लड़ी बसपा, 345 पर नहीं बची जमानत
- 8,026 प्रत्याशी थे मैदान में 7,484 हार गए
- 67.4% मतदान हुआ अब तक का सर्वाधिक
- 69 सीटों पर सीपीएम ने प्रत्याशी उतारे। 51 पर जमानत जब्त हुई।
अब पार्टियों का जानें हाल
- कांग्रेस: कुल 421 सीटों पर चुनाव लड़ी। इसमें से 148 सीटों पर जमानत जब्त हुई थी।
- भाजपा: सबसे बड़ी पार्टी भाजपा ने 303 सीटों पर जीत हासिल की। 51 सीटों पर इसके उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
- सीपीआई: 49 सीटों में से 41 पर, एनसीपी की 34 में से 14 और तृणमूल की 62 में से 20 सीटों पर जब्त हुई थी जमानत।