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दो साल की सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हार्दिक पटेल, चुनाव लड़ने पर संकट

Mon, 01 Apr 2019 08:20 PM IST
अमित मंडल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हार्दिक पटेल (फाइल फोटो)
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गुजरात हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। गुजरात की निचली अदालत ने 2015 के मेहसाणा दंगे में दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई थी जिसे गुजरात हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। इसके बाद वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य साबित हो गए। हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने के लिए उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय से गुहार लगाई है।

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हार्दिक ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि उनकी सजा को निलंबित रखा जाए। साथ ही अपील की है कि अदालत उनकी याचिका पर जल्द से जल्द सुनवाई करे क्योंकि नामांकन भरने की तारीख 4 अप्रैल है। 




दरअसल, जन प्रतिनिधित्व कानून और सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था के तहत दो साल या अधिक वर्षों की जेल की सजा काट रहा व्यक्ति दोषसिद्धि पर रोक लगने तक चुनाव नहीं लड़ सकता। हार्दिक को उच्चतम न्यायालय से राहत नहीं मिलती है तो वह लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। यह कांग्रेस के लिए एक झटका होगा क्योंकि हाल ही में वह कांग्रेस में शामिल हुए हैं और जामनगर से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। गुजरात में नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख चार अप्रैल है।
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पिछले साल जुलाई में मेहसाणा जिले के विसनगर में सत्र अदालत ने पटेल को दो साल जेल की सजा सुनाई थी। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हार्दिक पटेल ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी कि उन्हें चुनाव लड़ने के लिए सजा से राहत दी जाए। लेकिन न्यायालय ने उनकी सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

पिछले साल जुलाई में गुजरात की एक अदालत ने मेहसाणा के भाजपा विधायक के दफ्तर पर हमला करने के आरोप में हार्दिक पटेल और उनके दो अन्य साथियों को दोषी ठहराते हुए दो-दो साल की सजा सुनाई थी। इसके अलावा उन्हें 50-50 हजार रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया था।ॉ
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