मंगलवार को जब कांग्रेस मुख्यालय में लगी बड़ी टीवी स्क्रीन पर जैसे-जैसे कांग्रेस की सीटों की संख्या बढ़ती, तो कार्यकर्ता भी उत्साह से लबरेज हो जाते। ज्यादा सीटें जीतने की खुशी उनके चेहरे पर दिखाई पड़ रही थी। राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान 'खटाखट' वाली बात कही थी। जिसके बाद वह लोगों के मुंह पर चढ़ गया था। राहुल गांधी ने एक चुनावी कैंपेन में यह शब्द उछाला था कि हम पहले ही दिन से काम करेंगे और इंडी गठबंधन की सरकार बनते ही हर माह पैसे दिए जाएंगे। 4 जुलाई को 8500 रुपये उनके अकाउंट में खटाखट-खटाखट ट्रांसफर किए जाएंगे। राहुल गांधी की इसी टिप्पणी ने चुनाव के दौरान खासी सुर्खियां बटोरी थीं।
मीम्स भी खूब वायरल हुआ
वहीं, राहुल गांधी की टिप्पणी का भाजपा नेताओं ने खूब मजाक उड़ाया था। पीएम मोदी ने तुरंत इस पर पलटवार करते हुए कहा था कि जनता विपक्षियों को खटाखट बाहर कर देगी। इस पर खूब मीम्स भी बने। राहुल गांधी के इस कमेंट के हिट होने के बाद उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव ने भी फटाफट-फटाफट वाला दांव चला। अखिलेश यादव ने रायबरेली में रैली के दौरान अपने संबोधन में कहा था कि ये दिल्ली के लोग घबराए हुए हैं। जबसे उन्होंने सुना है कि इंडिया गठबंधन गरीबों के हित के लिए फैसले ले रहा है। तब से वह आपके प्रत्याशी राहुल गांधी की खटाखट-खटाखट वाली नकल करने लगे हैं। अखिलेश यादव ने कहा था कि जो लोग देश को बड़ा बनाने का सपना दिखा रहे थे, उन्होंने देश को कर्जे में डुबा दिया है। जनता इनसे कह रही है कि अब आपको हटा देंगे फटाफट फटाफट, फटाफट। अखिलश यादव का कहना था कि जो लोग कहते थे कि ना खाएंगे न खाने देंगे, वे सब डकार गए, गटागट, गटागट गटागट।
वहीं तेजस्वी यादव भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने भी राहुल गांधी और अखिलेश यादव की बराबरी करते हुए हर चुनावी सभा मे ठकाठक, फटाफट, खटाखट और सफाचट जैसे शब्दों का जमकर इस्तेमाल किया। तेजस्वी ने चुनावी प्रचार के दौरान कहा था, मिजाज रखिये टनाटन, टनाटन, टनाटन, मतदान के दिन वोट डालिये खटाखट, खटाखट, खटाखट। चार जून के बाद भाजपा हो जाएगी सफाचट, सफाचट, सफाचट। नौकरी मिलेगी फटाफट, फटाफट, फटाफट। दीदी के खाते में एक लाख जाएंगे सटासट, सटासट, सटासट।