मुरादाबाद के अमरोहा में उत्तर प्रदेश के के दो लड़के अखिलेश यादव और राहुल गांधी 20 अप्रैल को साथ-साथ नजर आएंगे। संयुक्त जनसभा करेंगे। इसके ठीक एक दिन बाद 19 अप्रैल को राज्य की आठ सीटों के लिए पहले चरण का मतदान होगा। मतदान से पहले भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजपूत मतदाताओं को मनाने में जुटी है। बसपा के टिकट बांटने के समीकरण ने त्यागी मतदाताओं में बड़ी सेंधमारी कर रखी है। समाजवादी पार्टी के संजय लाठर कहते हैं कि बिजनौर की सीट छोड़ दें, तो हर सीट पर भाजपा के साथ कांटे का मुकाबला है। भाजपा नेता वीरेंद्र सिंह कहते हैं कि लोगों को कहने दीजिए, चुनाव भाजपा के पक्ष में एकतरफा है।
लाठर के मुताबिक, बिजनौर में मुकाबला रालोद और बसपा के बीच है। लेकिन सात सीटों पर सपा प्रत्याशी कांटे की टक्कर में हैं। मुजफ्फरनगर, कैराना और सहारनपुर में काफी कड़ा मुकाबला है। राजपूतों की पंचायत को लेकर भाजपा के चौकन्नी है। नगीना में भाजपा, समाजवादी पार्टी और भीम आर्मी के चंद्रशेखर में मुकाबला है।
पहले चरण की आठ सीटों में क्या है जमीन पर?
भाजपा के नेता संगीत सोम को सब सुन चुके हैं। राजपूत मतदाताओं ने भी राजपूत बनाम जाट की आवाज उठाई, हालांकि भाजपा के सुधीर अग्रवाल के मुताबिक इस मुद्दे को सुलझा लिया गया है। सुधीर अग्रवाल बेबाकी से कहते हैं कि सहारनपुर, मुजफ्फरनगर की सीट पर टक्कर है, लेकिन कैराना में भाजपा नंबर पहले पर है। बिजनौर में राष्ट्रीय लोकदल का पलड़ा भारी है। मुरादाबाद में मुकाबला कड़ा चला रहा है। बसपा के प्रत्याशी ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
संजय लाठर का भी कहना है कि सहारनपुर मंडल की तीनों सीटों पर कड़ा मुकाबला है। मुरादाबाद तो सपा के खाते में आ रही है। रामपुर की लोकसभा सीट पर भी कोई संदेह नहीं है। भाजपा के नेता वीरेंद्र सिंह के मुताबिक, रामपुर, मुरादाबाद दोनों पर अब समाजवादी पार्टी केवल दिखावे का दावा कर रही है। भाजपा के नेता पीलीभीत की सीट को लेकर खुलकर नहीं बोल रहे हैं। यहां से भाजपा ने वरुण गांधी के स्थान पर जितिन प्रसाद को मैदान में उतारा गया है। समाजवादी पार्टी की पूरी आस भाजपा के मतदाताओं पर टिकी है। सपा नेता का कहना है कि पीलीभीत की सीट पर इस बार कोई भी नतीजा आ सकता है।
मेरठ में कितनी दिलचस्प है लड़ाई?
मेरठ में भाजपा ने रामायण धारावाहिक के अभिनेता अरुण गोविल को मैदान में उतारा है। मेरठ से सुधीर अग्रवाल भी टिकट मांग रहे थे। हालांकि, सुधीर कहते हैं अरुण गोविल गांव में प्रचार करते हैं, तो महिलाएं उन्हें तिलक लगाकर माला पहनाती हैं और उनके पैर छूती हैं। अरुण गोविल इससे परहेज करना चाहते हैं, लेकिन ऐसा करना मुश्किल हो जाता है।
जवाब में संजय लाठर कहते हैं कि मेरठ में अरुण गोविल की हार तय है। मेरठ के साथ बागपत में भी मुकाबला कड़ा होगा। सपा के एक और नेता कहते हैं कि इस बार मथुरा, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर में भाजपा के पक्ष में समीकरण हैं। अमरोहा में राहुल गांधी और अखिलेश यादव की रैली से चुनावी फिजा बदलेगी। कांग्रेस प्रत्याशी दानिश अली थोड़ा मजबूत स्थिति में आएंगे। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूरे राज्य में राहुल और अखिलेश की संयुक्त रैली का संदेश जाएगा। इसका असर अलीगढ़, बागपत, मेरठ में पड़ेगा। अरुण गोविल की दुविधा बढ़ेगी। दिलचस्प है कि बसपा के बारे में सपा का कहना है कि उसके प्रत्याशी भाजपा का वोट काटेंगे, जबकि भाजपा के प्रत्याशी कहते हैं कि बसपा के प्रत्याशियों से नुकसान सपा को हो रहा है।