गृहमंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि हमने कभी नहीं कहा कि लोगों के खाते में 15 लाख रुपए आएंगे। उन्होंने कहा कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान हमने कभी लोगों से यह वादा नहीं किया कि उनके खाते में पंद्रह लाख रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। राजनाथ सिंह ने समाचार एजेंसी 'एनएनआई' को दिए इंटरव्यू में कहा, 'बिल्कुल नहीं कहा था कि 15 लाख रुपए आएंगे, ये कभी नहीं कहा था।'
राजनाथ सिंह ने कहा कि हमने काले धन के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही थी और की भी है। उन्होंने कहा कि हमारी ही सरकार ने काले धन को लेकर एसआईटी गठित की। गौरतलब है कि राजनाथ सिंह का यह बयान ऐसे वक्त में आए है जब विपक्ष भाजपा को साल 2014 में किए गए वादों को लेकर निशाना साध रहा है।
'राजनीति से प्रभावित नहीं है मध्य प्रदेश में आईटी की छापेमारी'
राजनाथ सिंह का कहना है कि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों के यहां पड़े आईटी एवं ईडी के छापेमारी के पीछे कोई राजनीतिक नहीं है। एजेंसियों को इनपुट मिला था और उन्होंने छापेमारी की, हम उनको कैसे रोक सकते थे? उन्होंने कहा कि छापेमारी करने वाली एजेंसियां स्वायत्त संस्था हैं। उन पर चुनाव आचार संहिता लागू नहीं होती है। उन्होंने अपने इनपुुट के आधार पर कार्रवाई की है। हम उन्हें कैसे रोक सकते थे?
उन्होंने कहा कि इस छापेमारी को लेकर सरकार को दोष देना सही नहीं है।
बालाकोट पर राजनाथ ने कहा- सरकार से सबूत मांगो लेकिन सैना से नहीं
राजनाथ सिंह ने कहा कि बालाकोट में भारत की तरफ से किए गए एयर स्ट्राइक के दौरान इस बात का पूरा ख्याल रखा गया था कि नागरिकों को कोई नुकसान न पहुंचे। राजनाथ सिंह ने कहा कि बालाकोट एयर स्ट्राइक को लेकर सरकार से सवाल पूछो लेकिन सुरक्षा बलों से सबूत मत मांगो।
महबूबा कुछ भी कहें हम 35ए खत्म करेंगे
गृहमंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि भाजपा जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35ए खत्म करेगी। इसे लेकर महबूबा मुफ्ती कुछ भी कहें, यह उनकी हताशा है, भाजपा इसे खत्म करने के लिए जो कर सकती है, करेगी। मंगलवार को समाचार एजेंसी से बातचीत में उन्होंने कहा कि एक देश में दो प्रधानमंत्री नहीं हो सकते, कश्मीर भारत का हिस्सा है, इस पर किसी तरह की बहस नहीं हो सकती। इसे लेकर चुनावों में अन्य दल जो बयान दे रहे हैं, उसे भी उन्होंने दलों की हताशा बताया।
आतंकियों पर कार्रवाई, पाकिस्तान पर नहीं
राजनाथ ने कहा कि सरकार ने पुलवामा हमले के बाद आतंकियों को टारगेट करने के लिए एअर स्ट्राइक की थी। इससे पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक की गई। इनमें आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, आम निर्दोष नागरिकों को नुकसान नहीं किया गया। पाकिस्तान की अस्मिता और संप्रभुता को भी बचाए रखा गया।
आडवाणी की ‘तत्काल कार्रवाई’ की नीति नहीं
वहीं साथ ही आडवाणी को एयर स्ट्राइक से पहले विश्वास में नहीं लेने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि वे खुद सभी हालात वे वाकिफ हैं। देश की स्थितियां भी वे जानते हैं। वे भाजपा केलिए हमेशा प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे। वहीं एअर स्ट्राइक पूर्व गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की ‘तत्काल कार्रवाई’ की रणनीति से अलग प्रकार के हमले थे।