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दलों को साधने में जुटी कांग्रेस, जगनमोहन रेड्डी और केसीआर पर निगाहें

Fri, 10 May 2019 04:29 AM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जगनमोहन रेड्डी और केसीआर (फाइल फोटो)
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लोकसभा चुनाव के दो चरण शेष हैं और 23 मई को आने वाले नतीजे तय करेंगे कि देश में किसकी सरकार होगी, लेकिन इन सबके बीच सियासी दलों ने अपनी सरकार बनाने के लिए जोड़-तोड़ शुरू कर दी है। सभी दलों की निगाहें अभी जगनमोहन रेड्डी और चंद्रशेखर राव पर टिकी हैं। कांग्रेस ने अपने बड़े नेताओं को दलों को साधने के काम में लगा दिया है। 

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हाल ही में कांग्रेस नेता केवी थॉमस ने जगनमोहन रेड्डी के करीबी सुब्बा रेड्डी से मुलाकात की थी, लेकिन जगनमोहन रेड्डी के विदेश में होने के कारण सुब्बा रेड्डी ने समर्थन से जुड़ा किसी भी तरह का विश्वास कांग्रेस को नहीं दिलाया है। जगनमोहन रेड्डी 16 मई को भारत लौटेंगे। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि वो किस तरफ रुख करते हैं। इधर, तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर तीसरे मोर्चे को मजबूत बनाने में जुटे हैं। उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी से कहा है कि वह कांग्रेस को तीसरे मोर्चे को समर्थन देने के लिए मनाएं। 

कांग्रेस चाहती है भाजपा से इनकी दूरी 

सियासी दलों की जोड़-बाकी से कांग्रेस अच्छी तरह वाकिफ है। पिछले दिनों कांग्रेस के कोर ग्रुप की बैठक में भी किसी भी दल को बहुमत नहीं मिलने का मुद्दा भी उठा था। कांग्रेस जानती है कि अगर केसीआर और जगनमोहन रेड्डी एनडीए को समर्थन न दें तो भाजपा के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी। वहीं, अगर यूपीए सरकार बनाने के करीब पहुंची तो उन्हें इन दोनों की भी जरूरत पड़ेगी। बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर दो दिन पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी। 
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21 मई की बैठक रहेगी अहम

नतीजे आने से दो दिन पहले 21 मई को दिल्ली में यूपीए और समर्थन देने वाले दलों की बैठक है। कांग्रेस पूरी तरह से इस कोशिश में जुटी है कि जगनमोहन रेड्डी को इसमें शामिल किया जाए। अगर ऐसा होता है तो केसीआर की ओर से लगातार की जा रही तीसरे मोर्चे की मांग को भी झटका लगेगा।

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