सत्रहवीं लोकसभा चुनाव का सियासी ऊंट किस करवट बैठेगा, इसकी चाबी अंतिम दो चरणों की बाकी बची 118 सीटों के मतदाताओं के हाथ में है। भाजपा ने अगर पुराना प्रदर्शन दोहराया तो उसके लिए सत्ता की राह आसान होगी। इसके उलट अगर कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों पर मतदाताओंं की मेहरबानी बरसी तो सत्ता बरकरार रखना भाजपा के लिए टेढ़ी खीर साबित होगी।
बीते चुनाव की बात करें तो इन 10 राज्यों में से हिंदी पट्टी के 8 राज्यों में भाजपा का जादू मतदाताओं के सिर चढ़कर बोला था। भाजपा की अगुवाई वाले राजग ने प. बंगाल और पंजाब की 30 सीटों को छोड़कर बाकी बची 98 में से 81 सीटों पर जीत का झंडा बुलंद किया था। राजग ने कुल 118 सीटों में से 86 सीटें अपने नाम की थी। अब पार्टी के सामने सत्ता बचाने के लिए अपना ही पुराना प्रदर्शन दोहराने की चुनौती है।
कांग्रेस-टीएमसी के लिए करो या मरो का मुकाबला
अंतिम दो चरण के चुनाव कांग्रेस और टीएमसी के लिए करो या मरो का मुकाबला है। बीते चुनाव में 118 सीटों में से कांग्रेस के हाथ महज 6 सीटें हाथ लगी थीं। भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए पार्टी के सामने अपने शासन वाले राज्य पंजाब और मध्य प्रदेश में ताकत दिखानी होगी, वहीं यूपी, बिहार, झारखंड में हर हाल में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। अंतिम दो चरण के मतदान में शामिल सीटों में से तृणमूल कांग्रेस के पास पश्चिम बंगाल की सभी 17 सीटें थीं। इस बार राज्य में उसे भाजपा से कड़ी टक्कर मिल रही है।
यूपी में महागठबंधन और भाजपा में सीधी टक्कर
अब यूपी की 27 सीटों पर मतदान होना है। बीते चुनाव में भाजपा ने 26 सीटों पर कब्जा जमाया था। सपा को महज आजमगढ़ की सीट मिली थी। इस बार सपा-बसपा गठबंधन और भाजपा में सीधी टक्कर है। अंतिम दो चरणो ंमें पीएम मोदी, अखिलेश, दिग्विजय सिंह और दर्जन भर मंत्रियों की सीटों पर चुनाव होगा।
इस बार बंगाल-ओडिशा बैटल ग्राउंड दोनों राज्यों में मोदी शाह की 50 रैलियां
बीते चुनाव में मोदी और शाह ने यूपी को बैटल ग्राउंड बनाया था, इस बार प. बंगाल और ओडिशा को बनाया। ओडिशा में पीएम ने 8 तो शाह ने 16 रैलियां कीं। प. बंगाल में दोनों नेता अब तक 26 रैलियां कर चुके हैं। बाकी 17 सीटों के लिए दोनों नेता एक दर्जन से अधिक रैलियां करेंगे। पश्चिम बंगाल में बाकी बची सभी सीटें फिलहाल टीएमसी के पास हैं।
नहीं चलेगा मोदी का नारा : ममता
पश्चिम बंगाल में ‘वंदे मातरम् और जयहिंद’ का नारा चलता है। यहां पर मोदी के मन का नारा नहीं चलेगा। क्या चुनाव आने पर भगवान रामचंद्र भाजपा के चुनाव एजेंट बना दिए जाते हैं?
-ममता बनर्जी, सीएम पश्चिम बंगाल