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देवबंद की महारैली में बोले अखिलेश-मायावती, मुस्लिम समाज अपने वोट बंटने न दे, चुनाव आयोग सख्त

Sun, 07 Apr 2019 07:59 PM IST
Prabudhh Jain चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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देवबंद में सपा-बसपा-रालोद की महारैली - फोटो : SP Twitter
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बसपा अध्यक्ष मायावती, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद के मुखिया चौधरी अजित सिंह की पहली साझा रैली हुई सहारनपुर के देवबंद में। जहां गठबंधन के तीनों महारथी, भाजपा और कांग्रेस पर जमकर बरसे। 

साझा रैली की 10 बड़ी बातें:

  1. मायावती ने अपने भाषण में कहा- मोदी आज की भीड़ देखेंगे तो घबरा जाएंगे। भाजपा जाने वाली है, गठबंधन आने वाला है।
  2. मायावती ने आगे जोड़ा- पीएम मोदी ने सरकारी खजाने को लुटाया। अच्छे दिन के वादे से भाजपा ने लोगों को गुमराह किया। भाजपा का कोई नाटक काम नहीं आएगा। कांग्रेस गलत नीतियों के कारण हारी।
  3. मायावती-भाजपा और कांग्रेस को चुनाव के वक्त ही गरीबों की याद आती है। सबका साथ-सबका विकास सिर्फ जुमलेबाजी है। कांग्रेस की 72 हजार देने वाली योजना भी गरीबों पर निशाना है। पिछली सरकार ने गरीब का मजाक बनाया। 
  4. मायावती- मुस्लिम समाज के लोगों से आग्रह है कि कांग्रेस इस लायक नहीं है कि वह भाजपा को टक्कर दे सके। कांग्रेस ने जगह-जगह ऐसे लोगों को उतारा है, जिससे भाजपा के लोगों को फायदा पहुंचे। मुस्लिम समाज, आप लोगों को अपना वोट नहीं बांटना चाहिए।
  5. बसपा सुप्रीमो ने ईवीएम पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि ईवीएम में गड़बड़ी न हो तो गठबंधन की जीत होगी।
  6. अखिलेश ने पीएम पर हमला बोलते हुए कहा कि सराब बोलने वाले लोग खुद नशे में हैं। ये महामिलावट नहीं महापरिवर्तन का समय है।
  7. अखिलेश यादव: महामिलावट नहीं ये महापरिवर्तन का गठबंधन है। एक-एक चौकीदार की चौकी छीन लेंगे।
  8. अखिलेश ने मुस्लिम समाज के लोगों से कहा कि जैसी भाजपा है, वैसी ही कांग्रेस है। इनकी नीतियां एक जैसी हैं। आप ध्यान रखें कि वोट घटने ना पाए और बंटने ना पाए। 
  9. अखिलेश ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा और कांग्रेस की नीतियां एक जैसी हैं। 
  10. रालोद के मुखिया अजित सिंह ने कहा, "मोदी साहब ने वादा किया था, हरेक आदमी की जेब में 15 लाख पहुंचेंगे। देश के पीएम झूठ बोलते हैं? न, ये कभी झूठ नहीं बोलते, ये कभी सच नहीं बोलते।"
मायावती का भाषण अब चुनाव आयोग की रडार पर आ गया है। दरसअल, मायावती और अखिलेश दोनों ने ही मुस्लिम मतदाताओं से कांग्रेस की बजाय गठबंधन के लिए वोट करने की अपील की थी। मुख्य चुनाव अधिकारी एल. वेंकटेश्वरलु ने स्थानीय प्रशासन से इस बाबत रिपोर्ट तलब की है। 
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