कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मध्यप्रदेश से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभार सौंपकर उनकी क्षमताओं का उपयोग तो करने जा रहे हैं लेकिन वे चुनाव लड़ेंगे या सिर्फ लड़वाएंगे, इस बात का फैसला अभी नहीं हुआ है। सिंधिया को अपने चुनाव क्षेत्र के साथ पश्चिमी यूपी की 40 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों के चयन के साथ पूरा चुनावी तानाबाना भी बुनना होगा। लिहाजा इस सवाल का जवाब अभी कांग्रेस नेतृत्व को देना है।
सिंधिया कांग्रेस के उन सांसदों में शामिल हैं जो मोदी लहर के बावजूद 2014 में मध्यप्रदेश से जीतकर आए थे। सिंधिया इस बार अपनी सीट से चुनाव नहीं लड़ेंगे, यह घोषणा भी अभी तक नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार अगले एक-दो दिन में सिंधिया की राहुल से मुलाकात होनी है, उसके बाद स्थिति साफ होगी।