प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता डॉ अभय बंग ने कहा है कि मतदान की पूर्व संध्या पर लोकतंत्र को बिक्री के लिए रखा जाता है क्योंकि मतदाताओं को उनके वोटों के बदले शराब दिया जाता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल के उम्मीदवार मतदाताओं से उनके वोटों को शराब से खरीदते हैं। उन्होंने उम्मीदवारों से अपील करते हुए कहा कि मतदाताओं को लुभाने के लिए शराब का इस्तेमाल न करें।
डॉ बैंग ने लोकतंत्र की तुलना विमान से करते हुए और मतदाता को उसका पायलट बताते हुए कहा कि 'हम नहीं चाहते की हमारा पायलट मतदान के दिन नशे में विमान उड़ा रहा हो।'
बैंग ने कहा कि यह इस देश की दुर्भाग्यपूर्ण सच्चाई है कि मतदान की पूर्व संध्या पर शराब धड़ल्ले से बांटी जाती है। पुरुष नशे में जाते हैं और अपना वोट डालते हैं। उन्होंने कहा कि वास्तव में, लोकतंत्र को मतदान की पूर्व संध्या पर बेचा जाता है- एक वोट के बदले शराब की एक बोतल।
डॉ बैंग ने सोसायटी फॉर एजुकेशन एक्शन एंड रिसर्च इन कम्युनिटी हेल्थ द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा कि पूरी चेतना के साथ मतदान करना मतदाताओं के अधिकार के साथ-साथ स्वस्थ लोकतंत्र के लिए भी आवश्यक है। वे इस संस्था के संस्थापक हैं। बता दें कि डॉ बैंग नशामुक्ति के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था मुक्तिपथ के सलाहकार भी हैं।