राजमहल में झारखंड मुक्ति मोर्चा की विजय हांसदा और भाजपा के हेमलाल मुर्मू में कड़ी टक्कर है। दोनों एक-दूसरे से आगे-पीछे होते नजर आ रहे हैं।
राजद की प्रदेश अध्यक्ष और लालू प्रसाद यादव की खास रही अन्नपूर्णा देवी कोडरमा सीट से 1.30 लाख वोटों से आगे चल रही है। वह प्रदेश के मुख्मंत्री रहे झारखंड विकास मोर्चा के प्रमुख बाबू लाल मरांडी को पछाड़ती दिख रही है।
झारखंड में टिकट बंटवारे से पहले महागठबंधन की बैठक में शामिल नहीं होकर अन्नपूर्णा ने भाजपा में शामिल होने के संकेत दे दिए थे। कुछ ही दिनों के भीतर उन्होंने भाजपा ज्वाइन की और कोडरमा से टिकट पाने में भी कामयाब हुईं।
धनबाद से कीर्ति आजाद पीछे चल रहे हैं। कीर्ति बिहार के दरभंगा से भाजपा के टिकट पर जीते थे। भाजपा छोड़ वह कांग्रेस में शामिल हुए। उन्हें धनबाद से टिकट दिया गया था।
झारखंड में कांटे की टक्कर है। एनडीए और महागठबंधन के कार्यकर्ता और समर्थकों के अपने-अपने दावे है।
झारखंड में कांग्रेसनीत महागठबंधन के पास खोने को कुछ ज्यादा नहीं था और भाजपा के पास पाने को बहुत ज्यादा कुछ नहीं था। यहां भाजपा अपने दम पर चुनाव लड़ी, जबकि कांग्रेसनीत गठबंधन में दलों ने अपनी सूझबूझ दिखाई। पार्टियों ने जनाधार के आधार पर सीटों का बंटवारा किया। दूसरी ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने राज्य में एक बार फिर अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने का भरसक प्रयास किया। प्रदेश के मुखिया रह चुके हेमंत सोरेन के पिछले डेढ़ साल से किए जा रहे दौरों को इसके उदाहरण के तहत देखा जा सकता है।