सोमवार देर रात बंगलूरू में रहने वाले एक नेता की नींद उड़ गई। वो पूरी रात सो नहीं पाया। करवटें बदलता रहा। यूं देखा जाए तो चुनावी मौसम में अच्छे-अच्छों को नींद नहीं आती। आधी सदी तक सियासत में रहे लोगों की नींद उड़ जाती है, फिर वो तो अभी 28 साल का ही है।
बात हो रही है तेजस्वी सूर्या की। वही तेजस्वी सूर्या, जिन्हें सोमवार रात 12 बजे के बाद, भाजपा ने बंगलूरू दक्षिण से उम्मीदवार घोषित किया है। उनके सामने होंगे कांग्रेस के कद्दावर नेता बीके हरिप्रसाद।
अब इस लड़ाई को समझिए। हरिप्रसाद, राज्यसभा सांसद हैं। राजनीति में लंबा तजुर्बा रखते हैं। बीते कुछ समय से कर्नाटक की राजनीति से भले दूर रहे हों लेकिन कांग्रेस संगठन के लिए इतने सालों का अनुभव, चुनाव में उनके काम आएगा।
इसके बरक्स तेजस्वी सूर्या युवा हैं। अनुभव भले न हो लेकिन उसकी भरपाई अपने जोश से करने को बेताब हैं। इस बेताबी की एक झलक उन ट्वीट्स में दिखती है जो उन्होंने भाजपा की लिस्ट में नाम आने के ऐन बाद किए।
उन्होंने लिखा, "ओह माय गॉड। विश्वास ही नहीं होता! दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के पीएम और सबसे बड़ी पार्टी के अध्यक्ष ने 28 साल के एक व्यक्ति को बंगलूरू दक्षिण जैसी प्रतिष्ठित सीट के लिए चुना है। ये सिर्फ भाजपा में हो सकता है।"
तड़के करीब साढ़े तीन बजे उनका एक और ट्वीट आया जिसमें सूर्या ने लिखा, "ओके! नींद नहीं आ रही। बहुत उत्साह है। बेचैनी है। भविष्य के लिए कितनी उम्मीदें हैं। कितना काम करना है। जैसे एक जीवन काफी नहीं। अगर मोदी 68 की उम्र में 20 घंटे काम कर सकते हैं, हमें तो 28 की उम्र में कहीं ज्यादा काम करना चाहिए।"
क्या करते हैं तेजस्वी सूर्या?
28 साल के तेजस्वी को बेहद प्रभावशाली वक्ता माना जाता है। वो फिलहाल कर्नाटक हाई कोर्ट में वकालत कर रहे हैं। साथ ही वो कर्नाटक में भाजपा युवा मोर्चा के महासचिव भी हैं। 2019 के लिए गठित राष्ट्रीय सोशल मीडिया अभियान में भी उनकी सदस्यता है। भाजपा का हिस्सा बनने से पहले छात्र संगठन, एबीवीपी में सक्रिय रह चुके हैं। संघ से भी जुड़े रहे हैं। ट्विटर पर वो 60 हजार फॉलोअर्स के साथ हर छोटी-बड़ी बात साझा करते हैं। उनकी ट्विटर टाइमलाइन को गौर से देखेंगे तो वो पार्टी के बाकी नेताओं की ही तरह, 'राष्ट्रवाद' से ओतप्रोत दिखते हैं। नेटवर्किंग में माहिर माने जाते हैं।