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542 में से 300 सांसद पहली बार और 197 दूसरी बार पहुंचे लोकसभा, एनडीए के छह मंत्री हारे

Sat, 25 May 2019 12:54 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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17वीं लोकसभा के लिए 542 सीटों पर मतदान हुआ। तमिलनाडु की वेल्लोर सीट पर चुनाव रद्द कर दिया गया क्योंकि वहां धन का काफी प्रयोग हुआ था। सभी सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं। भाजपा को 303 और कांग्रेस को 52 सीटें मिली हैं। 23 सीटों के साथ डीएमके तीसरे और 22-22 सीटों के साथ वाईएसआरएसपी और टीएमसी चौथे स्थान पर रही।

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2014 में 314 सांसद पहली बार लोकसभा पहुंचे थे। वहीं 197 सांसद ऐसे हैं जो दूसरी बार लोकसभा पहुंचे हैं। 2014 में 169 सांसद दोबारा चुने गए थे। इनमें 145 सांसद भाजपा से हैं। 45 ऐसे सांसद चुने गए हैं जो दो से ज्यादा बार सांसद रह चुके हैं। 2014 में 58 सांसद ऐसे थे जो दो से ज्यादा बार लोकसभा पहुंचे थे। 

छह राष्ट्रीय पार्टियों के 397 सांसद लोकसभा पहुंचे हैं। एनडीए के 48 मंत्री चुनावी मैदीन में थे। जिसमें से छह को शिकस्त मिली। हारने वाले मंत्रियों के नाम हैं- केजे अल्फोंस, हरदीप पुरी, मनोज सिन्हा, हंसराज अहीर, पी राधाकृष्णन और शिवसेना के अनंत गीते। उत्तर प्रदेश में भाजपा को 64 सीटें और 49.5 फीसदी वोट मिले हैं।
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वहीं महागठबंधन को 38.97 फीसदी वोट मिले। कांग्रेस की बात करें तो उसका वोट शेयर 6.26 प्रतिशत रहा। यदि यूपी में कांग्रेस महागठबंन में शामिल हो जाती तो भाजपा की आठ सीटें कम हो जाती। प्रचंड जीत मिलने के बाद शुक्रवार को प्रधानमंत्री भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से मिलने के लिए उनके आवास पर पहुंचे थे।

सांसदों की औसत उम्र 54 साल है

17वीं लोकसभा में पहुंचने वाले सांसदों की औसत उम्र 54 साल है। वहीं 12 फीसदी सांसद 40 साल से कम उम्र के हैं। यह आंकड़ा 2014 के मुकाबले चार फीसदी ज्यादा है। पिछली बार आठ प्रतिशत सांसद 40 साल से कम उम्र के थे। महिला सांसदों की औसत आयु पुरुषों से छह साल कम है। इस बार केवल छह फीसदी सांसद 70 से ज्यादा उम्र के हैं। 

39 फीसदी सांसद सामाजिक कार्यकर्ता, 23 प्रतिशत व्यापारी

लोकसभा पहुंचने वाले 39 प्रतिशत सांसदों ने हलफनामे में अपना पेशा राजनीति और सामाजिक कार्य बताया है। इसके अलावा 38 फीसदी ने खुद को किसान, 23 प्रतिशत ने व्यापारी, चार फीसदी ने वकील, चार प्रतिशत ने चिकित्सा व्यवसायी, तीन ने कलाकार और दो फीसदी ने अध्यापक बताया है।

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