'संविधान निर्माण के काम को हाईजैक करने की कोशिश की गई'
राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधाते हुए कहा कि 'एक पार्टी विशेष द्वारा संविधान निर्माण के काम को हाईजैक करने की कोशिश हमेशा की गई। संविधान में संविधान निर्माण से जुड़ी बातें हमेशा छिपाई गईं। हमारा संविधान किसी एक पार्टी की देन नहीं है। यह भारत के लोगों के लिए, भारत के मूल्यों के अनुरूप बनाया गया। हमारे देश में राजा भी राजधर्म से बंधा है, उसकी शक्तियां लोगों के कल्याण के लिए है। हमारा संविधान समावेशी, परिवर्तनकारी है। हमारे देश में कोई भी व्यक्ति देश के शीर्ष पद तक पहुंच सकता है। हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रही है और हमने नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी पारित किया है। हमारी सरकार में राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया है। आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था की गई है।'
'हमारा संविधान औपनिवेशिक उपहार नहीं'
राजनाथ सिंह ने कहा कि 'इस देश में एक राज्य था, जहां देश का संविधान और देश के कानून लागू नहीं होते थे, लेकिन हमने उस राज्य में भी देश का संविधान लागू करके दिखाया है। वहां हाल ही में चुनाव हुए हैं, जहां हिंसा की एक घटना भी नहीं हुई। भारत लोकतंत्र की जननी है। संविधान के निर्माण में शामिल सभी लोग महान देशभक्त थे। जब अन्य एशियाई और अफ्रीकी देश औपनिवेशिक गुलामी से आजाद हुए तो उनका संविधान एक औपनिवेशिक उपहार था, लेकिन भारत ने अपना संविधान अपने लिए खुद रचा, जो हमारे लिए गर्व की बात है। जहां अन्य देशों के संविधान ज्यादा टिक नहीं पाए, वहीं भारत का संविधान आज भी मजबूत बना हुआ है। संविधान के संरक्षक के रूप में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका को हम सब मानते हैं। आज संविधान रक्षा की बात कही जा रही है? जबकि ये भी समझने की जरूरत है कि किसने संविधान की रक्षा की और किसने संविधान का अपमान किया। 1973 में सभी संविधान मूल्यों को तब की कांग्रेस सरकार ने वरीयता को नकारते हुए अन्य जज को देश का मुख्य न्यायाधीश बना दिया था। मुझे हैरानी होती है कि इस कृत्य को अंजाम देने वाली पार्टी आज संविधान की रक्षा की बात करती है।'
'कांग्रेस को कभी संस्थानों की आजादी हजम नहीं हुई'
राजनाथ सिंह ने कहा 'कांग्रेस को कभी भी संस्थानों की आजादी हजम नहीं हुई। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा संविधान को राजनीतिक हित साधने का माध्यम बनाया। आज विपक्ष के कई नेता संविधान की प्रति अपनी जेब में रखकर चलते हैं। दरअसल उन्होंने बचपन से ये ही सीखा है। उनकी परिवार में संविधान को जेब में ही रखा गया, लेकिन भाजपा संविधान को सिर माथे पर लगाती है। हमने कभी संविधान की स्वतंत्रता से कभी समझौता नहीं किया। संविधान के सिद्धांत हमारे मन, कर्म और वचन में हमेशा दिखाई देंगे। बाबा साहेब आंबेडकर ने भी माना था कि संविधान भविष्य की सभी जरूरतों को पूरा नहीं कर पाएगा, इसलिए उसमें संशोधन का प्रावधान किया गया।'
राजनाथ सिंह ने कहा 'ये राजनीति का चरित्र है, ये जैसे लोगों के हाथों मे जाती है, वैसी बन जाती है। पिछले सात दशकों में संविधान को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। ये हमारा कर्तव्य है कि हम संविधान की पवित्रता को भंग न होने दें। ये सरकार किसी भी कीमत पर संविधान की पवित्रतता को भंग नहीं होने देगी।'