आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू का कहना है कि 21 मई को विपक्ष अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का एलान कर सकता है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण के बाद भाजपा विरोधी सभी पार्टियां दिल्ली में एक साथ बैठेंगी और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार पर चर्चा होगी। यह बैठक 21 मई को हो सकती है। इसमें अगल-अलग दलों के नेता शामिल होंगे। विपक्षी दल आपसी सहमति के बाद प्रधानमंत्री पद के दावेदार की घोषणा करेंगे।
चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूछ रहे हैं कि विपक्ष का प्रधानमंत्री कौन बनेगा। वह कहते हैं कि विपक्ष प्रधानमंत्री उम्मीदवार को लेकर लुका-छिपी खेल रहा है लेकिन ऐसा नहीं है। हम इस बात को साफ कर चुके हैं कि चुनाव के बाद सभी भाजपा विरोधी पार्टियां एक साथ बैठेंगी और आपसी समझौते के तहत प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का चुनाव लोकतांत्रिक जरूरत है और इसे पूरा होना है। इसके लिए हम लोग प्रतिबद्ध हैं। नायडू ने कहा कि इसे लेकर वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी देते हैं कि वह अपने दिमाग में यह बात बैठा लें कि चुनाव के बाद विपक्ष अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का एलान करेगा। नायडू का यह भी कहना है कि देशभर में इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन को लेकर बहस चल रही है। उन्होंने अपनी 50 फीसदी वोटों की गिनती वीवीपैट वाली मांग को भी दोहराया। गौरतलब है कि भाजपा की तरफ से लगातार कहा जा रहा था कि विपक्ष आपस में बंटा हुआ है और उसे अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का नाम नहीं पता है।