छठे चरण के चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने मतदान केंद्रों पर तैनात किए गए केंद्रीय बलों के खिलाफ मंगलवार को चुनाव आयोग से शिकायत की। ममता सरकार ने राज्य के चुनाव आयोग प्रमुख आरिज आफताब को लिखित रूप में यह शिकायत की है।
पत्र में केंद्रीय बलों के काम करने के तरीके पर आपत्ति जताते हुए कहा गया है कि 12 मई को हुए मतदान के दौरान भगवानपुर और विष्णुपुर समेत कुल पांच जगहों पर उनकी तरफ से फायरिंग की गई थी। इसके अलावा केंद्रीय बलों के बुरे व्यवहार और बिना कारण लाठीचार्ज करने की भी खबरें सामने आई हैं।
ममता सरकार ने शिकायत की है कि चौथे चरण के मतदान के दौरान भी केंद्रीय बलों ने पनरूई और दुबराजपुर में हवाई फायरिंग की थी। साथ ही 200 मीटर लंबी कतार में खड़े लोगों को बेरहमी से पीटा गया था।
पत्र में कहा गया है कि केंद्रीय बलों के जवान यहां के लोगों के साथ सही तालमेल से काम नहीं कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें स्थानीयता और यहां की भाषा की जानकारी नहीं है। केंद्रीय बलों को बंगाल पुलिस और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम करना चाहिए, जिन्हें क्षेत्र की पूरी जानकारी है। उन्हें अपने साथ हर समय किसी लोकल ऑफिसर को रखना चाहिए, और ऐसा नहीं करने के केस में मामले की दोबारा जांच की जाए।
दरअसल, पश्चिम बंगाल में मतदान के दौरान कई जगहों पर हिंसक घटनाओं की खबरें सामने आई थीं, जिसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से वहां स्थानीय प्रशासन के अलावा केंद्रीय बलों की तैनाती कर दी गई थी। इसे लेकर अब तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग से लिखित शिकायत की है।