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VIP EXIT POLL: ये एग्जिट पोल कह रहा गाजीपुर सीट गंवा रहे हैं मनोज सिन्हा

Tue, 21 May 2019 09:04 PM IST
Trainee Trainee चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मनोज सिन्हा (भाजपा), अफजाल अंसारी (गठबंधन) और अजीत प्रताप कुशवाहा (कांग्रेस) - फोटो : अमर उजाला
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लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल के आने के बाद प्रत्याशियों की जीत-हार की चर्चा तेज हो गई है। सभी को इंतजार है 23 मई को आने वाले नतीजों का। लेकिन उससे पहले 19 मई को आए एग्जिट पोल नतीजों ने हार-जीत के कयास पर सस्पेंस और बढ़ा दिया है। सबकी नजर दिग्गज उम्मीदवारों पर लगी है। ऐसी ही एक सीट है यूपी की गाजीपुर लोकसभा सीट। जानिए एबीपी-नील्सन का एग्जिट पोल क्या कह रहा है।

एबीपी-नील्सन का एग्जिट पोल

उत्तर प्रदेश की गाजीपुर की लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरे केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा एबीपी-नील्सन के एग्जिट पोल के मुताबिक गाजीपुर से अफजाल अंसारी से हार रहे हैं। चुनाव के पहले भी कहा जा रहा था कि सिन्हा इस बार कड़ी लड़ाई में फंसे हैं। सिन्हा केंद्र में रेल राज्य मंत्री हैं, ऐसे में उनके लिए ये सीट प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है। देखना है कि एग्जिट पोल अनुमान 23 मई को आने वाले नतीजे से कितना मेल खाते हैं।

मुश्किल लड़ाई मे ंफंसे मनोज सिन्हा

सपा-बसपा गठबंधन हो जाने की वजह से अफजाल अंसारी के हौसले बुलंद दिख रहे हैं। मुसलमान, यादव और दलित मतदाताओं की संख्या गाजीपुर के कुल मतदाताओं के 50 प्रतिशत से अधिक है। पिछले चुनाव में सपा के टिकट पर लड़ी कभी मायावती के करीबी रहे बाबूराम कुशवाहा की पत्नी शिवकन्या कुशवाहा को मनोज सिन्हा के हाथों केवल 32 हजार वोटों से हार मिली थी, जबकि बसपा के टिकट पर लड़े कैलाश नाथ सिंह ने लगभग ढाई लाख वोट हासिल किए थे। दोनों के मतों को मिला दिया जाने तो यह आंकड़ा सवा पांच लाख होता है, जबकि मनोज सिन्हा को केवल तीन लाख वोट ही मिले थे। 

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मनोज सिन्हा द्वारा गाजीपुर में कराए गए विकास कार्यों की चर्चा तो खूब हो रही है, लेकिन सपा-बसपा गठबंधन का जातीय समीकरण भाजपा के लिए कड़ी चुनौती बन गया है। साथ ही इसबार महागठबंधन की वजह से मनोज सिन्हा के लिए राह मुश्किल लग रही है।
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मनोज सिन्हा और अफजाल में पहला मुकाबला 1999 में हुआ, जो सिन्हा ने जीता। 2004 में अफजाल ने सिन्हा को हराया और सांसद बने। 2009 में सिन्हा बलिया से लड़े, पर पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर से हार गए। गाजीपुर से लड़े अफजाल ने जीत हासिल की। 2014 में सिन्हा फिर गाजीपुर से लड़े और केंद्र में मंत्री बने, जबकि अफजाल बलिया से अपनी नई पार्टी कौमी एकता दल से लड़े, लेकिन संसद पहुंचने में विफल रहे। अब 23 मई को ही पता चलेगा कि गाजीपुर ने किसे अपना सांसद चुना है।


 
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