उत्तर प्रदेश की घोसी लोकसभा सीट से सपा-बसपा प्रत्याशी अतुल राय ने रेप मामले में अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की शरण ली है। इस मामले में उच्चतम न्यायालय की अवकाश बेंच 17 मई को सुनवई करेगी। इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट में अतुल राय की याचिका खारिज हो चुकी है।
क्या है पूरा मामला?
अतुल राय पर एक युवती को झांसा देकर बलात्कार करने का आरोप है। युवती ने आरोप लगाया है कि अतुल राय ने लंका क्षेत्र के एक अपार्टमेंट में ले जाकर उसके साथ यौन शौषण किया। पीड़ित युवती ने सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर एक वीडियो पोस्ट किया है। इस मामले में अतुल राय पर मुकदमा दर्ज हो चुका है। पीड़ित युवती काशी विद्यापीठ की पूर्व छात्रा है जिसकी अतुल राय से मुलाकात छात्र राजनीति के दौरान हुई थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट की शरण में आरोपी
अतुल राय ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में 23 मई तक गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की है। इलाहाबाद हाईकोर्ट इससे पहले राय की याचिका को खारिज कर चुकी है।
क्या है युवती का आरोप?
युवती का आरोप है कि अतुल राय ने मदद के आश्वासन से उसे लंका क्षेत्र के एक अपार्टमेंट में बुलाया और उसका शारीरिक शोषण किया। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने वीडियो बनाकर उसपर चुप रहने का दबाव बनाया और जुबान खोलने के एवज में जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद युवती ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर और ट्वीट के जरिए डीजीपी से शिकायत की। मामले की फिलहाल जांच चल रही है।
वहीं, आरोपी अतुल राय ने इस मामले को भाजपा की साजिश बताया है। उनका कहना है कि वह इस पूरे मामले में सीबीआई चांज कराने की मांग करते हैं।