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सोशल मीडिया के हथियार से लैस सिपाही बन गए हैं राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताः सुमित भसीन

Fri, 12 Apr 2019 09:37 PM IST
Amit Sharma अमित शर्मा, नई दिल्ली
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समय के साथ राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं की प्रवृत्ति में बड़ा बदलाव आया है। पहले का कार्यकर्ता केवल दीवारों पर पोस्टर लगाने और पार्टी का झंडा उठाने का काम करता था, लेकिन अब वह सोशल मीडिया के हथियार से लैस राजनीतिक दलों के सिपाही में तब्दील हो गया है जो मौके पर ही विपक्षी पार्टियों के हमलों का जवाब दे रहा है।

 

हर कार्यकर्ता एक प्रवक्ता बन गया है। यह कहना है 'द न्यू एज कार्यकर्ताः फ्रॉम पेस्टिंग पोस्टर टू पोस्टिंग ऑन वॉल' पुस्तक के लेखक सुमित भसीन का। पब्लिक पॉलिसी रिसर्च सेंटर के निदेशक सुमित भसीन ने अमर उजाला से कहा कि साठ के दशक से आज तक के कार्यकर्ताओं के व्यवहार का अध्ययन करने के बाद उन्होंने पाया है कि अब किसी भी दल का कार्यकर्ता पहले के मुकाबले बहुत अधिक महत्त्वाकांक्षी हो गया है।

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अब वह सालों-साल पार्टी का झंडा उठाते नहीं रहना चाहता, बल्कि वह जल्दी से बड़ा पद पाना चाहता है। यही कारण है कि एक जगह उनकी मह्त्वाकांक्षा पूरी न होने पर वह पार्टी बदलने में देर नहीं लगाता। इसका परिणाम है कि अब पार्टी बदलना सामान्य चीज होती जा रही है, जबकि पूर्व में किसी नेता का पार्टी बदलना एक बहुत बड़ी घटना होती थी। आइडियोलॉजी की बातें अब पुरानी पड़ती जा रही है।

भसीन के मुताबिक, अटल-आडवाणी के बीच साठ साल तक समन्वय हो पाना और आज के दौर में कुछ लोगों के बीच समन्वय न हो पाना, कार्यकर्ता भाव में आए परिवर्तनों का ही प्रत्यक्ष परिणाम है। यह किसी भी पार्टी में देखा जा सकता है। 
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सुमित भसीन की पुस्तक में भाजपा में प्रारंभ से लेकर आज तक की यात्रा पर भी खूब मंथन किया गया है। शनिवार को इस पुस्तक का लोकार्पण भारतीय जनता पार्टी के महामंत्री रामलाल (संगठन), दिल्ली प्रदेश महामंत्री सिद्धार्थन और अन्य नेताओं की उपस्थिति में दिल्ली में होगा।

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