1984 सिख दंगों पर सैम पित्रोदा का बयान हुआ तो हुआ कांग्रेस को बहुत महंगा पड़ता दिख रहा है। प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के जबर्दस्त पलटवार के बाद कांग्रेस से लेकर सैम पित्रोदा खुद इस बयान को लेकर बैकफुट पर हैं। अब पित्रोदा ने बयान की चीरफाड़ करते हुए इसके कारण गिनाने की कोशिश भी की है। उन्होंने कहा,
जो बयान मैंने दिया वो पूरी तरह तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। मेरी हिंदी अच्छी नहीं है। मेरा मतलब था- जो हुआ वो बुरा हुआ। मैं अपने दिमाग में 'बुरा' का अनुवाद नहीं कर पाया।
उन्होंने कहा, "मेरा मतलब था, आगे बढ़ो। और भी मुद्दे हैं बहस के लिए जैसे भाजपा सरकार ने क्या किया। मुझे दुख है कि मेरा बयान गलत तरीके से सामने आया। मैं माफी मांगता हूं। इसे जरूरत से ज्यादा बढ़ा दिया गया।"
पंजाब में 19 मई और दिल्ली में 12 मई को चुनाव है। ऐसे में इस बयान पर घमासान अभी कुछ और दिन चलना तय है।