भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने शहीद हेमंत करकरे पर दिया बयान वापस ले लिया है। बयान पर मचे हंगामे के बाद आज साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि मैं हेमंत करकरे पर दिया बयान वापस लेती हूं। यह मेरा निजी बयान था।
उन्होंने कहा, मैंने महसूस किया कि मेरे बयान से देश के दुश्मनों को फायदा हो रहा था। इसलिए मैं अपना बयान वापस लेती हूं और माफी मांगती हूं। ये मेरा निजी दर्द था। आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए उन्हें गोली लगी थी, वह निश्चित तौर पर एक शहीद हैं।
बता दें कि उनके बयान को लेकर सियासी भूचाल आ गया था और भाजपा ने इस बयान से खुद को अलग कर लिया था।
साध्वी ने गुरुवार को आईपीएस अधिकारी हेमंत करकरे पर विवादास्पद बयान दिया था जिसकी चारों तरफ निंदा हो रही थी। आज भाजपा ने भी बयान जारी कर इसे साध्वी प्रज्ञा का निजी बयान बता दिया। आखिर शुक्रवार शाम होते होते उन्होंने बयान वापस ले लिया।
भाजपा ने शुक्रवार को साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के इस बयान से दूरी बनाई कि आईपीएस अधिकारी हेमंत करकरे उनके द्वारा दिए श्राप की वजह से 26-11 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान मारे गए थे। भाजपा ने कहा कि यह उनकी निजी राय है जो सालों तक उन्हें मिली शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की वजह से हो सकती है।
भाजपा ने बयान में कहा कि भाजपा का मानना है कि करकरे बहादुरी के साथ आतंकवादियों से लड़ते हुए मारे गए। भाजपा ने हमेशा उन्हें शहीद माना है। पार्टी ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा ने सालों तक पुलिस हिरासत में शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेली, जो उनके इस तरह के बयान की वजह हो सकती है।