राहुल गांधी ने पहली बार दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के गठबंधन को लेकर बयान दिया है। उनका कहना है कि दिल्ली में कांग्रेस और 'आप' के गठबंधन से भाजपा पराजित होगी। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी को चार सीटें देने के लिए तैयार है। लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने फिर से यूटर्न ले लिया है। राहुल गांधी का कहना है कि हमारा दरवाजा अभी भी खुला है। लेकिन समय निकलता जा रहा है। राहुल ने ट्वीट कर यह बात कही है।
केजरीवाल ने राहुल गांधी को दिया ये जवाब
अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर राहुल गांधी से पूछा है कि कौन-सा यूटर्न? अभी तो बातचीत चल रही थी। केजरीवाल ने राहुल गांधी को लिखा है कि अभी तो बातचीत चल रही थी आपका ट्वीट दिखाता है कि गठबंधन आपकी इच्छा नहीं मात्र दिखावा है। केजरीवाल ने राहुल गांधी पर आप-कांग्रेस गठबंधन को लेकर बयानबाजी करने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने कहा कि आप यूपी और दूसरे राज्यों में मोदी विरोधी वोट बांट कर मोदी जी की मदद कर रहे हैं।
गौरतलब है कि दिल्ली में आप और कांग्रेस के गठबंधन को लेकर काफी वक्त से बातचीत चल रही है लेकिन दोनों ही पार्टियों के बीच इसे लेकर आम सहमति नहीं बन पा रही है। इससे पहले रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना था कि आखिर वक्त तक गठबंधन के लिए प्रयास करेंगे। केजरीवाल के इस बयान के बाद कांग्रेस-आप गठबंधन की अटकलें और तेज हो गई थी। केजरीवाल ने दिल्ली के कॉन्सटीट्यूशन क्लब में महागठबंधन की बैठक के बाद कहा था कि कांग्रेस-आप गठबंधन के लिए आखिरी वक्त तक उनका प्रयास जारी रहेगा। केजरीवाल का कहना था कि भाजपा को हराने के लिए वह कुछ भी करेंगे।
आपने चार सीटों के लिए दरवाजा खोला है तो हमने 18 के लिए: गोपाल राय
वहीं, राहुल गांधी के बयान पर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता गोपाल राय का कहना है कि राहुल गांधी 18 सीटों पर भाजपा को हराने के लिए दिलचस्पी क्यों नहीं दिखा रहे हैं? गोपाल राय का कहना है कि आपने अगर चार सीटों का दरवाजा खोला है तो हमने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 18 सीट पर भाजपा को हराने के लिए दरवाजा खोल रखा है।
18 की बात बाद में करते हैं: पीसी चाको
कांग्रेस के दिल्ली प्रभारी पीसी चाको ने कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली के बाहर 18 सीटों की बात कर रही है। पहले दिल्ली पर तो साथ आ जाएं। राहुलजी ने कहा कि हमारे दरवाजे खुले हैं। ये होना चाहिए। जो फैसला एक राज्य में हो, जरूरी नहीं कि उसे दूसरे राज्यों में भी वैसे ही दोहराया जाए।