'साफ-सुथरी राजनीति के लिए नौकरी छोड़, राजनीति में आया'
राघव चड्ढा का कहना है, मैं राजनीतिक परिवार से नहीं आता। साधारण मध्यम वर्गीय परिवार से आता हूं। चार्टर्ड अकाउंटेंट बनकर अच्छी-खासी नौकरी कर रहा था। अन्ना हजारे जी के आंदोलन में सब छोड़-छाड़ के आ गया। पिछले 9 साल से अरविंद केजरीवाल के साथ हूं। साफ-सुथरी राजनीति के लिए नौकरी छोड़ी थी आगे भी ऐसी ही राजनीति करूंगा। दिल्ली के चार चुनावों में कांग्रेस तीसरे नंबर पर आई। साल 2013 का विधानसभा चुनाव, 2014 का लोकसभा चुनाव हो या फिर 2015 का विधानसभा चुनाव और 2019 का एमसीडी चुनाव, कांग्रेस के 90 फीसदी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई थी। दक्षिणी दिल्ली में कांग्रेस अप्रासंगिक है। दूर-दूर तक नजर भी नहीं आती।
'अगर संसद पहुंचा तो दिल्ली के पूर्ण राज्य के लिए पीएम को खत लिखूंगा'
राघव चड्ढा का कहना है कि भारतीय राजनीति में शब्दों का चयन लगातार गिरता जा रहा है। चाहे आजम खान का बयान हो या फिर श्मशान और कब्रिस्तान वाला बयान। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान बिल्कुल भी शोभा नहीं देते। देश के पढ़े-लिखे युवाओं को इस तरह की राजनीति को बदलने के लिए आगे आना चाहिए।
उनसे राजनीति में शब्दों की शालीनता के गिरते चलन पर सवाल पूछा गया था। राघव का कहना है कि अगर वह संसद पहुंचते हैं तो दिल्ली के पूर्ण राज्य के लिए पीएम को खत लिखेंगे।