चिलचिलाती चमड़ी जलाती धूप, धूल भी। तापमान भी कोई 42-43 डिग्री के करीब, लेकिन हरिश्चंद्र मिश्र बताते हैं कि प्रियंका गांधी की जनसभा में गरुवार को खूब भीड़ थी। लोग पसीना पोंछ रहे थे और उन्हें प्रतापगढ़, जौनपुर के बदलापुर में सुनने के लिए खड़े थे। बताते हैं जौनपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी दौरा था। भाजपा ने ऐड़ी चोटी का जोर लगा रखा था, लेकिन प्रियंका को सुनने, देखने आने वालों का जोश ज्यादा भारी था।
प्रतापगढ़ में चिलबिला के रहने वाले संजय सिंह का कहना है कि प्रियंका की जनसभा में जो उत्साह दिखता है, वह वोट में बदल जाए तो कांग्रेस उत्तर प्रदेश में 20 से ऊपर सीटें जीत सकती है। अरुण यादव का कहना है कि प्रियंका अपनी बात किसी लाग-लपेट के आम आदमी की भाषा में कहती हैं। वह नेहरू, गांधी परिवार से हैं और लोगों को उनमें इंदिरा गांधी जैसी छवि दिखाई देती है। इसलिए लोग कनेक्ट होकर देखने चले आते हैं। इसका वोट से कोई लेना-देना नहीं है।
'प्रियंका सहिए कहती है'
रामराजी की उम्र को 65 साल है। वह खुलकर कह रही है कि भले वोट बेकार हो जाए, लेकिन अब प्रियंका के कहने पर कांग्रेस पार्टी को वोट करेंगे। राजराजी के साथ सुनीता देवी भी हैं। सुनीता देवी कांग्रेस पार्टी अभी बहुत कमजोर मान रही हैं। वह समझ-बूझकर अपना वोट देने की बात करती हैं। स्कूल की मास्टर प्रमिला देवी सोच-समझकर मतदान करने की बात करती हैं।
लेकिन तीनों का कहना है- प्रियंका गांधी सहिए बोलती हैं। कौऊनो गलत बात नहीं करती। प्रियंका के बात में दम लगता है। ठेठ भाषा में इन महिलाओं का कहना है कि लड़कन घर-बजार घूमत हएन। इनके पास कऊनो काम नाइ बा। होत त जातेन नौकरी करतेन और कुछ माई-बाप के भी देतेन। प्रमिला देवी का कहना है कि मनमोहन सरकार में गड़बड़ जरूर भईल रहल लेकिन नौकरी पानी, तनख्वाह पैसा सब ठीक चलत रहल। प्रधानमंत्री मोदी त खाली बहकावत हऐन। मूरख बनावथेन।