सिंधिया परिवार
राजनीतिक दल से ज्यादा असरदार सिंधिया परिवार
ग्वालियर लोकसभा सीट पर हमेशा से ही किसी राजनीतिक दल से ज्यादा सिंधिया परिवार का असर रहा है। समय-समय पर कांग्रेस, जनसंघ और भाजपा सिंधिया घराने की मदद से यहां पैर जमाने की कोशिश करते आए हैं। यहां से माधवराव सिंधिया ने कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी, और वो सबसे ज्यादा बार सांसद चुने गए। ग्वालियर में कांग्रेस के विस्तार के पीछे माधवराव सिंधिया का बहुत बड़ा योगदान माना जाता है। 2001 में माधवराव सिंधिया का निधन कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका था। उनके बाद यहां कि राजनीति में सिंधिया परिवार को माधवराव की बहन यशोधराराजे सिंधिया ने आगे बढ़ाया। यशोधराराजे सिंधिया 2007 के उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर जीत कर आई थीं। उन्होंने ग्वालियर में भाजपा को उपर उठाया। माधवराव से पहले उनकी मां विजयाराजे सिंधिया भी यहां से कांग्रेस सांसद रह चुकी थीं।
अब सिंधिया परिवार की अगली पीढ़ी भी यहां की राजनीतिक हलचल में उतनी ही सक्रिय है। इस सीट से पहले माधवराव के बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया के मैदान में उतरने की बात थी, मगर बाद में पता चला कि वो गुना लोकसभा सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। इसके बाद उनकी पत्नी प्रियदर्शिनी सिंधिया को यहां से कांग्रेस के टिकट पर उतारे जाने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।