एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को कहा कि मसूद अजहर को काली सूची में डालना 'दिखावटी चीज' है, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव में पठानकोट, उरी या अन्य आतंकी हमलों का कोई उल्लेख नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मसले पर समझौता किया है और जानना चाहा कि इस विषय पर चीन के साथ क्या करार किया गया है।
हैदराबाद में उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा को यह दावा करने की जरूरत नहीं है कि बहुत बड़ी चीज हासिल कर ली गई है, क्योंकि पाकिस्तान से काम कर रहा आतंकी सरगना अब भी भारत के लिए खतरा बना हुआ है। ओवैसी ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री से पूछना चाहता हूं कि क्यों उन्होंने ऐसा समझौता किया। उन्होंने पुलवामा को शामिल नहीं किया और ना ही संसद हमले को। इनके लिए मसूद अजहर जिम्मेदार था।
पाकिस्तान में जेल में रहते बाप बन जाते हैं आतंकी
ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी, हमें बताइए- क्या आपने चीन के लिए कॉम्प्रोमाइज किया। हाफिज सईद भी ब्लैकलिस्ट हुआ था, क्या पाकिस्तान ने उसे पैसा देना बंद कर दिया है? हमें पता है कि पाकिस्तान हाफिज को वीआईपी की तरह ट्रीट करता है। 26/11 मुंबई हमले का साजिशकर्ता जकीउर रहमान लखवी जेल में रहते हुए बाप बना था।
मालूम हो कि बुधवार को संयुक्त राष्ट्र ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया। वहीं, पाकिस्तान का भी दावा है कि वैश्विक आतंकी घोषित होने के बाद उसने हाफिज पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।