सुप्रीम कोर्ट द्वारा लोकसभा चुनाव में 50 प्रतिशत वीवीपैट मिलान की विपक्षी दलों की पुनर्विचार याचिका खारिज किए जाने के बाद आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू सहित विपक्षी दलों के कई नेताओं ने चुनाव आयोग से मुलाकात की। मुलाकात के बाद नायडू ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए लड़ाई लड़ना बंद नहीं करेंगे।
नायडू ने कहा कि हम शीर्ष न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हैं, लेकिन पार्टी झुकेगी नहीं और देश में चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए अपनी लड़ाई लड़ती रहेगी। तेलुगू देशम पार्टी के प्रमुख ने कहा कि चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट के आठ अप्रैल के आदेश को ईमानदारी से लागू करने के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी विसंगति की स्थिति में समूचे निर्वाचन क्षेत्र में ईवीएम नतीजे के साथ वीवीपैट पर्ची का मिलान होना चाहिए। सभी वीवीपैट पर्ची के मिलान से परिणाम में पांच दिन की देरी होने के चुनाव आयोग के दावे पर नायडू ने कहा कि कुछ दिनों की तो बात है। चुनाव आयोग को अन्य चीजों के ऊपर साख और पारदर्शिता को तरजीह देना चाहिए।