एनडीए 300 के पार
दो एग्जिट पोल को छोड़ दें तो अमूमन हर एग्जिट पोल में भाजपा और सहयोगियों को 300 पार दिखाया गया है। राहुल गांधी की तमाम कड़ी मेहनत के बावजूद कांग्रेस तीन अंकों तक पहुंचने में भी नाकाम दिख रही है। निराशाजनक प्रदर्शन के बावजूद कांग्रेस के लिए एक अच्छी खबर जरूर है। हर एग्जिट पोल यूपीए को 100 से ज्यादा सीटों तक पहुंचा रहा है।
2014 चुनाव में कांग्रेस ने अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन किया था। उसे महज 44 सीटें ही मिली थीं। इसके चलते कांग्रेस को लोकसभा में प्रतिपक्ष का दर्जा भी नहीं मिल सका था। इस दर्जे के लिए कुल 543 सांसदों वाली लोकसभा में 10 फीसदी जनप्रतिनिधियों का चुनकर आना जरूरी है, यानि 53 सांसद। कांग्रेस इससे चूक गई थी और पांच साल तक सदन में इस दर्जे के लिए जूझती रही।
इस बार के सभी एग्जिट पोल में यूपीए को 100 से 120 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। ऐसे में वह भाजपा के बाद सबसे ज्यादा सीटें हासिल करने वाले दूसरी बड़ी पार्टी होगी। लोकसभा में उसे प्रतिपक्ष का दर्जा भी मिल जाएगा। यानि एग्जिट पोल नतीजे के बाद कांग्रेस के लिए एकमात्र खुशी की बात यही है कि उसे प्रतिपक्ष का दर्जा आसानी से मिल जाएगा।
कांग्रेस को कुछ राज्य में थोड़ा बेहतर परिणाम मिलता नजर आ रही है और इसी वजह से उसका आंकड़ा 70 के पार बताया जा रहा है। ये राज्य हैं पंजाब, तमिलनाडु। पंजाब में उसे 8 से 10 सीटें और तमिलनाडु में सहयोगियों के साथ 35-40 सीटें मिल रही हैं। जबकि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश में उसके प्रदर्शन में कोई सुधार नजर नहीं आया।
उत्तर प्रदेश में बुरा हाल
एग्जिट पोल के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस महज दो सीटों पर सिमटती दिख रही है। ये सीटें हैं राहुल गांधी की अमेठी और सोनिया गांधी की रायबरेली सीट। अधिकतर सीटों पर पार्टी मुख्य मुकाबले से बाहर है। 2018 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ में भाजपा से सत्ता छिनी थी। लेकिन एग्जिट पोल बता रहे हैं कि कांग्रेस को राजस्थान, मध्यप्रदेश में कोई फायदा नहीं हो रहा है।