मुंबई की सभी छह लोकसभा सीटों पर अभी एनडीए का कब्जा है। इस बार के चुनाव भी ध्रुवीकरण के साथ साथ धार्मिक और सामुदायिक मुद्दों पर आधारित रहे हैं। ऐसे में मतदान प्रतिशत में बढ़ोत्तरी को एनडीए अपने पक्ष में मान रही है। उनका कहना है कि इन आंकड़ों में बढ़त का मतलब साफ है कि एनडीए दोबारा सत्ता में लौट रही है।
वहीं, विपक्ष इसे अलग तरह से देखता है। विपक्ष का कहना है कि इस बार भारी संख्या में दलित और अल्पसंख्यकों ने वोट किया है और उन्हीं के कारण मतदान प्रतिशत में बढ़ोत्तरी हुई है, और इसलिए भाजपा को हराने का रास्ता साफ हो चुका है।