साल 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर 'नीच आदमी' बयान देने वाले कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर का कहना है कि वह उल्लू हैं लेकिन, इतने बड़े उल्लू नहीं हैं। उन्होंने यह बात एक वेबसाइट में प्रकाशित अपने लेख के संबंध में कही है। इस लेख में मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'नीच आदमी' बताने वाले अपने पुराने बयान को सही ठहराया था। दरअसल, मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर अपने एक लेख के जरिए कहा था- क्या मैं 'नीच' बयान के लिए सही नहीं था।
अब मणिशंकर अय्यर ने इस लेख पर सफाई देने से इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि इस पूरे लेख में से सिर्फ एक लाइन को उठाया गया है और अब इस पर बात करने के लिए कहा जा रहा है। मैं इस पूरे मामले में फिर से शामिल होने के लिए तैयार नहीं हूं- मैं उल्लू हूं, लेकिन इतना बड़ा उल्लू नहीं हूं। दरअसल, मणिशंकर अय्यर ने मोदी को लेकर विवादित बयान दो साल पहले गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान दिया था और इस पर काफी बवाल भी मचा था। इसके बाद मणिशंकर अय्यर को इस बयान के लिए माफी मांगनी पड़ी थी। वहीं, कांग्रेस ने मणिशंकर अय्यर के इस लेख को उनकी व्यक्तिगत राय बताते हुए पल्ला झाड़ लिया है।
और क्या बोले मणिशंकर अय्यर?
मणिशंकर अय्यर ने शिमला में कहा कि मुझे अपने लेख को लेकर जवाब देने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस ने इस बारे में बयान जारी कर दिया है। अय्यर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने अटल बिहारी वाजपेयी को विदेशी दौरे में भारत का प्रतिनिधित्व करने को भेजा था। 1950 का दौर राजनीति का बेहतरीन दौर था। क्या आज की मौजूदा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्षी नेताओं के बारे में ऐसा सोचेंगे। अय्यर ने कहा कि उनके लेख में से एक पंक्ति को लेकर बात की जा रही है।
अपने लेख में क्या कहा था अय्यर ने?
अपने ताजा लेख में अय्यर ने मोदी की हालिया रैलियों और साक्षात्कारों में दिए बयानों का भी जिक्र किया है। इसके साथ ही मोदी की शैक्षिक पृष्ठभूमि बताते हुए उन्होंने भगवान गणेश की 'प्लास्टिक सर्जरी' और उड़नखटोलों को प्राचीन विमान बताने वाले मोदी के बयानों को 'अज्ञानता भरे दावे' भी कहा है। इसके अलावा अय्यर ने मोदी के उस साक्षात्कार का भी उल्लेख किया है जिसमें उन्होंने बालाकोट हमले के समय बादल छाए रहने पर वायुसेना के विमानों के रडार पर न दिखने का लाभ उठाने की सलाह दी थी।
अय्यर ने उस बयान की भी आलोचना की जिसमें मोदी ने कहा था दिसंबर 1987 में राजीव गांधी आईएनएस विराट को पर्सनल टैक्सी की तरह लक्षद्वीप ले गए थे। ठीक इसी के बाद अय्यर ने लिखा है- याद है 2017 में मैंने मोदी के बारे में क्या कहा था? क्या मैंने सही भविष्यवाणी नहीं की थी?