पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सीटें कम होंगी और सात अन्य राज्यों में उसे एक भी सीट नहीं मिल पाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव जीतने को लेकर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आत्मविश्वास डगमगा रहा है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि लोकसभा चुनावों के पिछले पांच चरणों में खराब प्रदर्शन करने के बाद भाजपा वोटों के लिए बंगाल की तरफ देख रही है।
अपनी पार्टी की उम्मीदवार नुसरत जहां के समर्थन में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता ने हरोआ में कहा, "भाजपा को संख्याबल कहां से मिलेगा? उत्तर प्रदेश में उसकी सीटें 73 से घटकर 13 या 17 पर आ जाएंगी। आंध्र प्रदेश, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, पंजाब और ओडिशा जैसे दूसरे राज्यों में पार्टी को एक भी सीट नहीं मिलेगी। मध्य प्रदेश में भी उसकी सीटें घटेंगी।"
ममता ने कहा कि मोदी का आत्मविश्वास डगमगा रहा है, क्योंकि उनका चुनाव हारना तय है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भाजपा को वोट नहीं दें। उन्होंने कहा कि बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को सभी 42 सीटों पर जीत मिलनी चाहिए, इससे केंद्र में नई सरकार के गठन में पार्टी का थोड़ा नियंत्रण रह सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम भाजपा को नहीं चाहते। वोटों के जरिए पार्टी को दरवाजा दिखाएं।
ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा, कांग्रेस और माकपा एक जैसे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सुबह में भाजपा, दोपहर में कांग्रेस और रात में माकपा का समर्थन करते हैं। इसलिए तीनों में किसी को वोट देना फिजूल है। तृणमूल कांग्रेस को वोट दीजिए।
मोदी के खिलाफ अपना हमला जारी रखते हुए ममता ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनावों में उन्होंने काफी कुछ कहा और प्रधानमंत्री बन गए। लेकिन पिछले पांच साल में उन्होंने कौन सा काम किया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस एकमात्र पार्टी है जिसमें भाजपा से मुकाबला करने का माद्दा है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पूरे देश को डराकर रखा है। आरबीआई, सीबीआई, आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय जैसी संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है।
उन्होंने कहा कि भोजन, आश्रय और कपड़े देने की बजाय भाजपा ने योजना आयोग को भंग कर नीति आयोग बना डाला और दिखाया कि दंगे कैसे कराए जाते हैं। इसने गोरक्षा और भीड़ हत्या शुरू कराई। ममता ने यह भी कहा कि नाथूराम गोडसे (जिसने महात्मा गांधी की हत्या की) अब भाजपा का नेता है। वे (भाजपा) अब नेताजी को भूल चुके हैं, जिन्होंने जय हिंद का नारा दिया।