Mamata banerjee, PM Narendra Modi, Amit Shah
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में अमित शाह की रैली के दौरान हुई हिंसा में महान चिंतक, दार्शनिक, लेखक और समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़े जाने की घटना के बाद देशभर में सियासी बवाल मचा हुआ है। आरोप-प्रत्यारोपों के बीच ममता बनर्जी ने फेसबुक पोस्ट के जरिए भाजपा पर हमला बोला है। ममता का कहना है कि विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने की घटना भाजपा के लिए कोई नई नहीं है। मूर्तियां तोड़ने की घटनाएं उनके लिए कोई नई बात नहीं।
त्रिपुरा में तोड़ी गई लेनिन की मूर्ति
ममता ने अपने फेसबुक पोस्ट में त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा पहले से भी मूर्तियां तोड़ती रही है। उन्होंने लिखा कि साल 2018 में जब त्रिपुरा में भाजपा सत्ता में आई, तो योजनाबद्ध तरीके से बुल्डोजर लाकर रसियन चिंतक और कम्यूनिस्ट नेता लेनिन की मूर्ति तोड़ दी। यह सरकार के फंड से बनाई गई सार्वजनिक संपत्ति थी।
आंबेडकर और पेरियार की भी मूर्ति तोड़ने का आरोप
ममता ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में पिछले साल मार्च में भारतीय संविधान निर्माता, पिछड़ों के मसीहा और महान नेता बीआर आंबेडकर की मूर्ति तोड़े जाने का भी आरोप लगाया। पिछले ही साल मार्च में तमिलनाडु के वेल्लोर में पेरियार की मूर्ति तोड़े जाने की घटना का जिक्र करते हुए भी ममता ने भाजपा के लोगों को इसका जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने लिखा कि मार्च 2018 में संसद में भी ये मुद्दे उठाए गए। इस शर्मिंदगी के बाद गृह मंत्रालय को हर राज्यों को ऐसी घटनाओं के रोकथाम के लिए दो-दो सलाहकार नियुक्त करने पड़े।
भाजपा के घृणित कार्य की निंदा करता है बंगाल
आगे उन्होंने लिखा कि तृणमूल कांग्रेस बंगाल की समृद्ध संस्कृति संरक्षित करने को लेकर संकल्पित रही है। हिंसा और मूर्ति तोड़े जाने की यह घटना पीएम मोदी और अमित शाह की घृणित सोच दरसाती है। ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़े जाने के इस कुकृत्य से पूरे बंगाल को आघात पहुंचा है। विद्यासागर एक महान दार्शनिक, शिक्षाविद् और समाज सुधारक रहे हैं, जिनका नाम हमेशा से गरिमा और सम्मान के साथ लिया जाता रहेगा। बंगाल के लोग भाजपा के इस घृणित कार्य की निंदा करते हैं।