बात उस वक्त की है जब केंद्र में यूपीए-2 की सरकार थी। मजदूर नेताओं में शुमार पूर्व रक्षामंत्री जॉर्ज फर्नांडिस उस समय गांधी परिवार के खास आलोचकों में गिने जाते थे। वर्ष 2011 में जनता दल यूनाइटेड के नेता के तौर पर जॉर्ज फर्नांडिस सक्रिय राजनीति में थे। उस दौरान जॉर्ज दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित एक सेमिनार में पहुंचे। यह सेमिनार बर्मा (म्यांमार) में लोकतंत्र की बहाली पर थी। यहां जैसे ही जॉर्ज फर्नांडिस का ध्यान हॉल में लगी सोनिया गांधी की तस्वीर पर गया तो वह भड़ उठे।
उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि किसी गुलाम ने यह काम किया है, कोई सभ्य आदमी ऐसा काम कभी नहीं करता। इस दौरान जॉर्ज फर्नांडिस ने नेहरू परिवार को लूटपाट करने वाला तक बता दिया था। जॉर्ज फर्नांडिस का गुस्सा देखकर वहां मौजूद लोगों ने फौरन सोनिया गांधी की तस्वीर वहां से हटाकर हॉल स्टाप को सौंप दी थी। इसके बाद जॉर्ज फर्नांडिस का गुस्सा शांत हुआ था।
दरअसल, जॉर्ज फर्नांडिस की गिनती कांग्रेस के कट्टर आलोचकों में होती थी। अक्टूबर 2006 में जॉर्ज के खिलाफ एक मिसाइल खरीद में कथित दलाली के आरोप लगे थे और मामला दर्ज हुआ था। तब उन्होंने कहा था कि यह सब सोनिया गांधी के इशारे पर हो रहा है। उन्होंने उस दौरान कहा था कि सीबीआई के पास सबूत है तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।