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सुप्रीम कोर्ट के डंडे के बाद योगी-माया पर चुनाव आयोग की सख्ती, भाजपा और सपा-बसपा को ऐसे पड़ेगी महंगी

Tue, 16 Apr 2019 11:45 AM IST
Nilesh Kumar चुनाव डेस्क, अमर उजाला
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Yogi Aadityanath, Mayawati - फोटो : Amar Ujala
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नेताओं की बदजुबानियों और विवादित टिप्पणियों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा सुप्रीमो मायावती, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और सपा नेता आजम खान पर चुनाव प्रचार के लिए 48 से लेकर 72 घंटे की रोक लगा दी है। यह रोक मंगलवार से ही लागू हो चुकी है। ऐसे में खासकर भाजपा और सपा-बसपा गठबंधन को ज्यादा नुकसान होने वाला है। 

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कारण कि सपा-बसपा गठबंधन की मंगलवार को अहम रैली में मायावती शामिल नहीं हो सकेंगी, जबकि योगी आदित्यनाथ लखनऊ में गृहमंत्री राजनाथ सिंह के नामांकन और रोड शो का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश की आठ लोकसभा सीटों पर चुनाव होने है, जिसको लेकर यह भाजपा और सपा-बसपा गठबंधन, दोनों के लिए ये दो-तीन दिन काफी अहम है। ऐसे में दोनों ही दलों के लिए क्रमश: योगी और माया की अनुपस्थिति घाटे वाली होगी। 

दूसरे चरण के तहत 18 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, बिजनौर और आगरा में मतदान होना है। यहां योगी आदित्यनाथ की रैलियां नहीं होने से भाजपा को बड़ी दिक्कत हो सकती है।मंगलवार को ही आगरा में एसपी-बीएसपी और रालोद की संयुक्त रैली में मायावती शामिल नहीं हो पाएंगी। इस संयुक्त रैली में मायावती का मौजूद नहीं रह पाना गठबंधन के लिए किसी झटके से कम नहीं है। आज अखिलेश बिना मायावती के ही रैली में शामिल होंगे। 
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कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और गुजरात में भी भाजपा को झटका
हिंदुत्व के मुद्दे पर भाजपा के फायरब्रांड नेता कहे जाने वाले योगी आदित्यनाथ पार्टी के स्टार प्रचारकों में हैं। न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और गुजरात में भी योगी की रैलियां होनी थी। अब वह बुधवार को होने वाली केरल और कर्नाटक की रैली में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। वहीं 18 अप्रैल को महाराष्ट्र और गुजरात की जनसभाओं में भी वह शामिल नहीं हो पाएंगे। 

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सुप्रीम कोर्ट की तल्खी के बाद चुनाव आयोग की सख्ती

Election Commission of India, Supreme Court of India(File Photo)
मालूम हो कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की तल्खी के बाद चुनाव आयोग ने सख्त फैसला लेते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और बसपा प्रमुख मायावती पर कार्रवाई की। योगी के चुनाव प्रचार करने पर 72 घंटे और मायावती के चुनाव प्रचार करने पर 48 घंटे की रोक लगाई। वहीं केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता मेनका गांधी और सपा नेता आजम खान के चुनाव प्रचार करने पर भी रोक लगा दी है। मेनका पर सांप्रदायिक टिप्पणी करने जबकि आजम पर जया प्रदा के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था। 

मेनका गांधी ने सुल्तानपुर में एक रैली के दौरान मुस्लिम मतदाताओं को कहा था कि अगर उन्हें कम वोट मिले तो इसका असर होने वाले काम पर पड़ेगा। इसी तरह आजम खान ने रामपुर से भाजपा उम्मीदवार जया प्रदा के खिलाफ बेहद अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। दोनों ही मामलों में रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजी गई थी। इन दोनों के बयानों पर खूब हंगामा मचा था।

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