प. बंगाल में सियासी संग्राम के बीच गुरुवार को चुनाव आयोग ने ममता सरकार को झटका देते हुए दो और अधिकारियों पर गाज गिराई। चुनाव आयोग ने ये फैसला ऐसे वक्त पर लिया है जब राज्य में चुनाव प्रचार का समय घटाने को लेकर टीएमसी और ममता बनर्जी उस पर लगातार हमलावर है।
चुनाव आयोग ने डायमंड हार्बर के एसडपीओ मिथुन कुमार डे और एमहर्स्ट स्ट्रीट के ऑफिस इंचार्ज कौशिक दास को तुरंत प्रभाव से चुनाव के काम से हटाया। दोनों को चुनाव से जुड़ा कोई काम नहीं दिया जाएगा।
टीएमसी के लिए प्रतिष्ठा वाली सीट
डायमंड हार्बर टीएमसी के लिए बेहद महत्वपूर्ण सीट है। ये सीट खुद ममता बनर्जी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है क्योंकि यहां से उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में दो प्रमुख अधिकारियों को यहां से हटा देना ममता और अभिषेक के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
बता दें कि बुधवार को कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में हिंसा के बाद चुनाव आयोग ने बुधवार रात दो बड़े फैसले लिए। आयोग ने पश्चिम बंगाल की 9 लोकसभा सीटों पर तय समय से 19 घंटे पहले गुरुवार रात 10 बजे से ही चुनाव प्रचार बंद करने का आदेश दिया। चुनाव प्रचार समय से पहले रोकने का देश में यह पहला मामला है।
बंगाल के प्रभारी उप चुनाव आयुक्त ने 13 मई को हालात का जायजा लिया था। उन्होंने रिपोर्ट सौंपी कि चुनावी तैयारियां तो आयोग के मुताबिक चल रही हैं, लेकिन जब सभी प्रत्याशियों को प्रचार के लिए बराबर और मतदाताओं को भयमुक्त माहौल देने की बात आती है तो जिला प्रशासन और पुलिस से सहयोग नहीं मिल रहा। चुनाव अफसरों और लोगों में भय का माहौल है।