Voting for election in West Bengal(File Photo)
पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान होने वाली हिंसा को रोकने के लिए केंद्रीय सुरक्षाबलों को कमान सौंप दी गई है। मतदान केंद्रों पर पर्याप्त केंद्रीय सुरक्षाबल तैनात रहेंगे, जबकि ममता बनर्जी सरकार की राज्य पुलिस मतदान केंद्रों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार मतदान केंद्र के अंदर राज्य पुलिस और केंद्रीय बल, दोनों का प्रवेश निषेध रहेगा। मतदान केंद्र के पीठासीन पदाधिकारी को जरुरत महसूस होगी, तभी उनके बुलाने पर पुलिस बल अंदर जाएंगे।
पांचवे चरण के चुनाव के लिए केंद्रीय सुरक्षाबलों की कुल 578 कंपनियों की तैनाती तय कर दी गई है। पश्चिम बंगाल के स्पेशल पुलिस पर्यवेक्षक ने बताया कि इन कंपनियों के अलावा 142 क्विक रिस्पॉन्स टीम(QRT) भी तैनात रहेंगे, जो हिंसा की खबर पर तुरंत मौके पर पहुंचेंगे।
मालूम हो कि पिछले चार चरणों में हुए चुनाव के दौरान लगातार हिंसात्मक घटनाएं हो रही थी। इस पर भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिला था और निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए हर हाल में केंद्रीय बलों की तैनाती सुनिश्चित कराने की मांग की थी। इसके बाद आयोग के दिशा निर्देश पर बुधवार को यह बड़ा फैसला लिया गया।
चौथे चरण के चुनाव के दौरान आसनसोल से भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो को भीड़ ने घेर लिया था। उनकी गाड़ी पर भी हमला किया गया था। वहीं, बीरभूम में एक मतदान केंद्र में झड़प के दौरान हवाई फायरिंग भी की गई थी।