जिन मामलों में सुनवाई होनी है उनमें छह मामले पीएम पर, दो अमित शाह और तीन मामले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हैं। उपनिर्वाचन अधिकारी चंद्र भूषण ने बताया कि वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ मामलों की जांच के बाद शिकायतों पर सुनवाई 1 मई को होगी। आयोग की मीडिया ब्रीफिंग में डाक्टर संदीप सक्सेना ने कहा कि इन मामलों में जानबूझ कर देरी की कोई वजह नहीं है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग में एमसीसी का काम कई श्रेणियों में कई अधिकारियों के बीच बंटा है। इस कारण जांच में समय लगा है। उन्होंने किसी प्रभाव में देरी संभावना को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में आयोग का बचाव किया।