हालांकि भाजपा ने फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा का टिकट काट दिया जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया और बिहार की पटना साहिब सीट से केंद्रीय कानून मंत्री और अपने जिगरी दोस्त रविशंकर प्रसाद के सामने उतर आए हैं।
वहीं, हेमा मालिनी मथुरा और किरण खेर चंडीगढ़ से दोबारा मैदान में हैं, तो सनी देओल को पार्टी में शामिल कर पंजाब की गुरदासपुर सीट से लड़ाया जा रहा है। उधर, जयाप्रदा को उत्तर प्रदेश की रामपुर लोकसभा सीट से टिकट दिया गया है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी एक बार फिर अमेठी से भाग्य आजमा रही हैं।
बंगाल में सितारों की जंग
पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से गायक और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो की सीट फिर सुरक्षित है। वह टीएमसी की मुनमुन सेन से मुकाबला कर रहे हैं। इसके अलावा भाजपा ने भोजपुरी फिल्मों के तीन सबसे बड़े सितारों मनोज तिवारी, रविकिशन और दिनेश लाल यादव निरहुआ को दिल्ली और उत्तर प्रदेश की तीन सीटों से उतार दिया है।
भाजपा ने पश्चिम बंगाल की हुगली सीट से बांग्ला फिल्मों की अभिनेत्री लॉकेट चटर्जी तो कर्नाटक की मांड्या सीट पर कन्नड़ फिल्मों से जुड़ी सुमलता को पार्टी ने टिकट दिया है। तृणमूल कांग्रेस से किनारा कर भाजपा में शामिल हुए एक्टर अनुपम हाजरा को भी टिकट मिला है।
कांग्रेस ने भी मुंबई, उत्तर प्रदेश और बिहार में फिल्मी सितारों को पार्टी का उम्मीदवार बनाया है। राज बब्बर फतेहपुर सीकरी से और शत्रुघ्न सिन्हा पटना साहिब से मैदान में हैं, तो इस बार उर्मिला मातोंडकर को नए प्रत्याशी के तौर पर कांग्रेस ने मुंबई नॉर्थ से टिकट दिया है।
तृणमूल कांग्रेस ने बाबुल सुप्रियो के मुकाबले में अस्सी के दशक की अभिनेत्री मुनमुन सेन को में मैदान में उतारा है। शताब्दी रॉय भी पुरानी सीट से ही चुनाव लड़ रही हैं। पार्टी ने बांग्ला अभिनेत्री नुसरत जहां और मिमी चक्रवर्ती को भी इस बार चुनाव मैदान में उतारा है।
आंध्र प्रदेश में तो तेलुगू फिल्मों के सुपरस्टार पवन कल्याण अपनी पार्टी बनाकर चुनाव मैदान में उतरे हैं। टिकट बंटवारे के इस सारे गणित के बीच में सबसे मजेदार बात ये है कि मुंबई और महाराष्ट्र की पार्टियों एनसीपी और शिवसेना ने किसी फिल्म सितारे को टिकट नहीं दिया है। भाजपा ने भी महाराष्ट्र में किसी फिल्मी सितारे को उम्मीदवार नहीं बनाया है। इसी तरह कांग्रेस ने इस बार नगमा और खुशबू के अलावा सांसद रह चुकीं राम्या उर्फ दिव्या स्पंदन को टिकट नहीं दिया है।
बहरहाल, भारतीय जनता पार्टी हो, कांग्रेस या फिर टीएमसी, सभी ने लोकसभा चुनाव में इस बार ज्यादा से ज्यादा फिल्मी सितारों को तरजीह दी है। क्षेत्रीय पार्टियां भी इस मामले में पीछे नहीं हैं। कह सकते हैं कि राजनीतिक पार्टियों में सितारों की मौजूदगी ने माहौल बॉलीवुड पार्टी जैसा बना दिया है। अब देखना है कि इनमें से कितने सितारे संसद तक पहुंच पाते हैं।