भारती घोष को धक्का देती महिलाएं
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पश्चिम बंगाल की घाटल लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार और भारतीय पुलिस सेवा की पूर्व अफसर (आईपीएस) भारती घोष रविवार सुबह अपने साथ दुर्व्यवहार को बयां करते हुए रो पड़ीं। उन्होंने रोते हुए आरोप लगाया कि मैं अपने लोकसभा क्षेत्र घाटल के एक मतदान केंद्र गई थी, जहां तृणमूल कांग्रेस की कुछ महिला समर्थकों ने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया और धक्का-मुक्की करने लगीं।
उन्होंने कहा कि मैं एक प्रत्याशी हूं। मेरे साथ जबरदस्ती धक्का-मुक्की की गई और गलत बर्ताव किया गया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी मेदिनीपुर जिले के चंदखाली में उनके पोलिंग एजेंट को मतदान केंद्र के अंदर नहीं घुसने दिया गया। यह बताते हुए भारती घोष ने ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी की मांग की।
गौरतलब है कि घाटल लोकसभा सीट पर छठे चरण में चुनाव हो रहे हैं। यहां भारती घोष के सामने टीएमसी के उम्मीदवार दीपक अधिकारी और कांग्रेस के प्रत्याशी मोहम्मद सफीउल्लाह चुनाव मैदान में हैं। भारती ने आरोप लगाते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने मुझे धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। वो क्षेत्र में मतदान नहीं होने देना चाहते। मेरे साथ दुर्व्यवहार करने वाली महिलाएं तृणमूल कांग्रेस की ही थीं। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले की शिकायत करने की बात कही है।
मीडिया से बातचीत में भारती ने कहा कि टीएमसी की समर्थक महिलाओं ने बूथ के दरवाजे पर एक साथ खड़े होकर मानव श्रृंखला बनाकर मुझे और मेरे एजेंट को अंदर घुसने से रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जब ये सब हो रहा था तो पुलिस भी मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रही थी। किसी महिला पुलिस अधिकारी को ये सब रोकने के लिए नहीं बुलाया गया।
इस पूरे मामले को लेकर मतदान केंद्र पर तैनात केंद्रीय बल के सुरक्षाकर्मियों ने कहा कि भारती घोष के साथ उलझने वाली सभी महिलाएं थीं और वहां कोई महिला पुलिस कर्मचारी नहीं थीं, इसलिए वो कुछ नहीं कर सकते थे।
जानकारी के अनुसार, ये पूरा घटनाक्रम करीब 45 मिनट तक चला, इसके बाद भारती इसे टीएमसी का षड्यंत्र बताते हुए वहां से निकल गईं। हालांकि इसके बाद भी भारती जब अपने काफिले के साथ जा रही थीं तो उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। भाजपा ने आरोप लगाया कि इसके पीछे भी तृणमूल कांग्रेस का हाथ है।