प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचार का समर्थन करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने का समर्थन किया है। उन्होंने बुधवार को कहा कि एक साथ चुनाव कराने से व्यय और प्रबंधन से संबंधित सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी। राष्ट्रपति ने इस बारे में चुनाव आयोग को कदम उठाने की सलाह देते हुए कहा कि वह सभी राजनीतिक पार्टियों को एक प्लेटफॉर्म पर लेकर आए, ताकि इस मुद्दे पर विचार किया जा सके।
राष्ट्रपति राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर चुनाव आयोग की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, ‘राजनीतिक दल सामूहिक रूप से इस पर विचार करें और इसमें चुनाव आयोग को भी शामिल करना चाहिए।
मैं खुद इस बात पर विश्वास करता हूं कि अगर सभी राजनीतिक पार्टियां गंभीरता के साथ इस मुद्दे पर सहमत हो जाती हैं तो लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होना संभव होगा।’ इस अवसर पर प्रणब मुखर्जी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
इस दौरान उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव होने पर व्यय और प्रबंधन के मामले में होने वाली कई परेशानियां खत्म हो जाएंगी। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में चुनाव एक साथ कराने की बात कह चुके है।
वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी इस विचार का समर्थन कर चुके हैं। प्रधानमंत्री ने कहा था कि लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव साथ होने चाहिए। इस पर सभी राजनीतिक दलों को साथ आना चाहिए और व्यापक बहस होनी चाहिए।